वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज (1 फरवरी) (Budget 2026) को लगातार अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष का यह बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है और तीन कर्तव्यों पर आधारित है।
इकोनॉमिक ग्रोथ को बढ़ाना और जारी रखना. लोगों की उम्मीदों को पूरा करना, उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाना. सबका साथ, सबका विकास के फॉर्मूले के साथ सभी को अवसर उपलब्ध कराना।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की उत्पादन बढ़ाने और ग्रोथ को तेज करने के लिए कोशिश जारी है। प्रधानमंत्री ने 2025 में इसके लिए जीएसटी सुधार लागू करने का काम किया है। राज्य सरकारों के साथ मिलकर हम अपना कर्तव्य पूरा कर रहे हैं। भारत को ग्लोबल बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी है। Union Budget 2026 से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए यहां अपडेट देखें-
#WATCH | Finance Minister @nsitharaman is presenting her 9th consecutive Union Budget 2026–27.@FinMinIndia @nsitharamanoffc #BudgetSession2026
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— SansadTV (@sansad_tv) February 1, 2026
जानें बजट 2026 की बड़ी घोषणाएं
1. इनकम टैक्स
इनकम टैक्स स्लैब में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की समयसीमा तीन महीने बढ़ा दी गई है। अब करदाता 31 दिसंबर की बजाय 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकेंगे। सरकार ने यह भी बताया कि नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। आम लोगों की सुविधा के लिए इनकम टैक्स फॉर्म्स को नए सिरे से डिजाइन किया गया है, ताकि उन्हें भरना आसान हो।
2. स्वास्थ्य क्षेत्र
सरकार ने कैंसर के इलाज को सस्ता बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैंसर की 17 उन्नत दवाओं पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है, जो अभी 5% थी। ये दवाएं विदेश से आयात की जाती हैं। इसके अलावा हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को भी पूरी तरह ड्यूटी फ्री कर दिया गया है।
3. आयुर्वेद और बायोफार्मा
भारत को वैश्विक बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में सरकार ने कई घोषणाएं की हैं। देश में तीन आयुर्वेदिक एम्स स्थापित किए जाएंगे और आयुर्वेदिक दवाओं की जांच के लिए राष्ट्रीय स्तर की टेस्टिंग लैब्स बनाई जाएंगी। अगले पांच वर्षों में एक लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे। इस पूरे सेक्टर में ₹10,000 करोड़ निवेश की योजना है।
4. गर्ल्स एजुकेशन
लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देश के लगभग सभी 789 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का ऐलान किया गया है। साथ ही, छात्राओं के लिए STEM शिक्षा (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
5. महिलाओं के लिए रोजगार योजना
लखपति दीदी मॉडल को आगे बढ़ाते हुए महिला स्वयं सहायता समूहों की उद्यमी महिलाओं के लिए SHE-मार्ट (शी-मार्ट) स्थापित किए जाएंगे। इन बाजारों का संचालन महिलाएं खुद करेंगी। यहां खाद्य उत्पाद, हस्तशिल्प, कपड़े और स्थानीय सामान सीधे बेचे जाएंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को अपने कारोबार पर सीधा नियंत्रण मिलेगा।
6. रेल, जलमार्ग और ग्रीन ट्रांसपोर्ट
शहरों को जोड़ने के लिए 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ये कॉरिडोर मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–चेन्नई, हैदराबाद–बेंगलुरु, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी के बीच होंगे। इसके अलावा, अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे। बनारस और पटना में जहाज मरम्मत की आधुनिक सुविधाएं तैयार की जाएंगी।
7. रक्षा बजट में बढ़ोतरी
डिफेंस सेक्टर के लिए इस बार ₹7.85 लाख करोड़ का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 15.2% अधिक है। इस राशि में से ₹2.19 लाख करोड़ सैन्य बलों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा विमान और एयरो इंजन विकास के लिए ₹64 हजार करोड़, नौसेना के लिए ₹25 हजार करोड़ और पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है।
8. ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा
सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है। अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम से जुड़े उपकरणों पर भी कोई ड्यूटी नहीं लगेगी, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते हो सकते हैं। वहीं, सोलर पैनल निर्माण में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर भी टैक्स हटा दिया गया है।
9. खनिज और रेयर अर्थ सेक्टर
बजट में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है। ये कॉरिडोर केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में विकसित किए जाएंगे, जिनमें आंध्र प्रदेश को भी शामिल किया जाएगा। रेयर अर्थ मटेरियल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों की मोटर और आधुनिक तकनीकों में होता है।
10. खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया है। नारियल प्रोत्साहन योजना के जरिए करीब 3 करोड़ लोगों को जोड़ा जाएगा। मत्स्य पालन को बढ़ाने के लिए 500 तालाबों और अमृत सरोवरों का विकास किया जाएगा। पशुपालन में नए व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके साथ ही भारतीय चंदन उद्योग को फिर से खड़ा करने और काजू-कोको को 2030 तक वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
11. हैंडलूम और खादी को समर्थन
हैंडलूम कारीगरों के लिए नेशनल फाइबर स्कीम और नई हैंडलूम पॉलिसी लाई जाएगी। इसके तहत मेगा टेक्सटाइल पार्क, मैन-मेड फाइबर उत्पादन और एडवांस्ड फाइबर टेक्नोलॉजी पर जोर दिया जाएगा। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज मिशन के तहत खादी के उत्पादन, ट्रेनिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना को मजबूत किया जाएगा।
12. पर्यटन सेक्टर
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 20 प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर 10,000 गाइड्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण के अनुकूल ट्रैकिंग और हाइकिंग रूट्स विकसित किए जाएंगे।
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