– अठाई तप करने वाले भाई मयंक तातेड़ का साध्वी श्रीजी के सानिध्य में अभिनंदन
हनुमानगढ़। तेरापंथ सभा भवन में चल रहे पर्यूषण महापर्व की साधना यात्रा आध्यात्मिक उल्लास के साथ आगे बढ़ रही है। साध्वी आचार्य महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री सूरजप्रभा जी, साध्वी डॉ. लावण्य यशा जी व साध्वी श्री नैतिक प्रभा जी के सानिध्य में श्रावक-श्राविकाएं प्रतिदिन जप-तप व आध्यात्मिक प्रवचन में भाग ले रहे हैं। नमस्कार महामंत्र का अखंड जाप निरंतर प्रवाहित हो रहा है, वहीं सुबह-शाम प्रवचनों में भगवान महावीर की जीवनी पर विशेष प्रकाश डाला जा रहा है।
प्रर्युषण महापर्व की श्रृंखला में प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस, दूसरे दिन स्वाध्याय दिवस, तीसरे दिन सामायिक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर 151 श्रावकों ने सामायिक की साधना की। चौथे दिन का आयोजन वाणी संयम दिवस के रूप में हुआ। साध्वी श्रीजी ने अपने प्रवचन में जीवन में संयम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आहार संयम से स्वास्थ्य व आध्यात्मिक प्रगति, स्वाध्याय से ज्ञान, सामायिक से आत्मशुद्धि और वाणी संयम से संबंधों में मधुरता आती है। उन्होंने श्रावक समाज को प्रेरित किया कि मधुर वाणी, संयमित व्यवहार और उत्तम विचार ही जीवन की वास्तविक पूंजी है।
आगामी कार्यक्रमों में पाँचवाँ दिन अणुव्रत चेतना दिवस, छठा दिन जप दिवस, सातवाँ दिन ध्यान दिवस तथा आठवाँ दिन सम्वत्सरी महापर्व के रूप में मनाया जाएगा। सम्वत्सरी पर अधिक से अधिक उपवास, 8 पहरी पौसध, 6 पहरी पोषध और 4 पहरी पोसध जैसे तप की साधना हेतु साध्वी श्रीजी ने समाज को प्रेरणा दी। पर्यूषण के अगले दिन 28 अगस्त को क्षमापना ( खमत खामना )दिवस मनाया जाएगा।
इसी क्रम में शनिवार को टमकौर से पधारे भाई मयंक तातेड़ के अठाई तप पूर्ण होने पर साध्वी श्रीजी के सानिध्य में तप अभिनंदन हुआ। मंगलाचरण करिश्मा बोथरा ने प्रस्तुत किया। महिला मंडल की बहनों ने सुंदर गीतिका द्वारा तपस्वी का अभिनंदन किया। अभिनंदन की श्रृंखला में सभा अध्यक्ष संजय बाठिया, आंचलिक मंत्री ऋषभ चौरड़िया, डॉ. नरेश सकलेचा, राजेंद्र जी बेद राजेंद्र जी बोथरा युवक परिषद मंत्री रोहित दुग्गड़, अल्का दुग्गड़, साक्षी बैद हिमाया जैन प्रेम रुचिका श्रीमती कंचन सुश्री वर्षा सहित कई वक्ताओं ने तप अनुमोदना की।
सभा मंत्री मनोज राखेचा ने सभी का आभार व्यक्त किया। व गीतिका के माध्यम से तप अनुमोदना की ।बताया गया कि मयंक तातेड़ साध्वी सूरजप्रभा व साध्वी डॉ. लावण्य यशा जी के संसार पक्षीय दोहिता हैं और इन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने अठाई तप किया। कार्यक्रम के अंत में तेरापंथ सभा, महिला मंडल व युवक परिषद द्वारा तपस्वी भाई को अभिनंदन पत्र भेंट कर तपस्या का अनुमोदन किया गया। मंच संचालन महिला मंडल अध्यक्षा संतोष बाठिया ने किया। बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति से कार्यक्रम का माहौल तप एवं भक्ति रस में सरोबार रहा।
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