Bharat Bandh: कल भारत बंद, 25 करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर, बैंक से लेकर ये 5 सेवाएं रहेंगी ठप

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देश की अहम सेवाएं बुधवार, 9 जुलाई 2025 (Bharat Bandh) को बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। वजह है देशभर में 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगी संगठनों द्वारा बुलाई गई देशव्यापी हड़ताल, जिसमें अनुमानित तौर पर 25 करोड़ से अधिक कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। यह हड़ताल सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की सेवाओं के निजीकरण, श्रम कानूनों में बदलाव, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों के विरोध में हड़ताल बुलाई है।

ट्रेड यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियां मजदूरों और किसानों के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि सरकार कॉरपोरेट्स को फायदा पहुंचाने के लिए पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का निजीकरण कर रही है, मजदूरों के हक छीन रही है, और चार नए लेबर कोड्स के जरिए मजदूरों के हड़ताल करने और सामूहिक सौदेबाजी जैसे अधिकारों को कमजोर कर रही है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से इस हड़ताल पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

बता दें, ट्रेड यूनियनों ने पहले भी ऐसी देशव्यापी हड़तालें की हैं। नवंबर 2020, मार्च 2022 और फरवरी 2024 में भी इसी तरह की हड़तालें हुई थीं, जिनमें लाखों कर्मचारियों और किसानों ने हिस्सा लिया था।

किन राज्यों में प्रभाव ज्यादा संभावित है
पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में यूनियनों की पकड़ मजबूत है। इन राज्यों में बस सेवाएं बंद, बैंक शाखाओं में कामकाज ठप, और प्रमुख सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति बेहद कम रहने की आशंका है।

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हड़ताल कितने दिन होगी
यह हड़ताल फिलहाल एक दिन के लिए निर्धारित की गई है – 9 जुलाई सुबह से शाम तक। लेकिन यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो यह आंदोलन आगे अनिश्चितकालीन रूप भी ले सकता है।

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इस हड़ताल से क्या-क्या प्रभावित होगा?

  • बैंकिंग: सरकारी और कोऑपरेटिव बैंक बंद रह सकते हैं या सेवाएं सीमित हो सकती हैं।
  • डाक सेवाएं: कामकाज ठप हो सकता है, जिससे डाक डिलीवरी में देरी हो सकती है।
  • परिवहन: सरकारी बसें और स्टेट ट्रांसपोर्ट सेवाएं रुक सकती हैं, जिससे परेशानी होगी।
  • कोयला खनन: कोयला खनन और औद्योगिक इकाइयों में काम रुक सकता है।
  • बीमा सेक्टर: LIC और दूसरी बीमा कंपनियों के दफ्तरों में कामकाज प्रभावित होगा।

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किस से मिल रहा है हड़ताल को समर्थन
इस हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और कृषि मजदूरों के संगठनों का भी समर्थन मिला है। वे ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, रैलियां और सभाएं आयोजित करेंगे। इसके अलावा कुछ विपक्षी पार्टियां भी इस हड़ताल का समर्थन कर रही हैं।

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