जिले में चिट्टे का कहर बेकाबू – अब युवतियां भी चिट्टे की चपेट में

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-7 माह की गर्भवती युवती ने चिट्टा इंजेक्ट करने के बाद दिया मृत बच्ची को जन्म, परिजनों में आक्रोश कृ पुलिस कार्रवाई पर सवाल
हनुमानगढ़। जिले में नशे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। पहले जहां चिट्टे (नशे) की गिरफ्त में केवल युवा वर्ग फंस रहा था, वहीं अब युवतियां भी इस जानलेवा नशे की शिकार बनती जा रही हैं। रविवार को हनुमानगढ़ जंक्शन के खुंजा क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक सात माह की गर्भवती युवती ने शनिवार को चिट्टे की तड़प में अपने शरीर में नशे का इंजेक्शन लगाया। रात को उसकी डिलीवरी हुई, जिसमें उसने मृत बच्ची को जन्म दिया। यह दर्दनाक घटना इलाके में नशे के बढ़ते दुष्परिणामों का भयावह उदाहरण बनकर सामने आई है।
रविवार को मृत नवजात बच्ची को जंक्शन बाईपास स्थित श्मशान भूमि में डॉ. गिल व उनकी टीम ने दफनाया, जहां परिवार के सदस्यों और मोहल्लेवासियों ने बच्ची की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूरे माहौल में शोक और आक्रोश दोनों व्याप्त थे।
युवती की मां राधा देवी ने बताया कि उनके परिवार में छह बेटियां और दो बेटे हैं, जिनमें से दो बेटियां और एक बेटा चिट्टे के आदी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि मोहल्ले में खुलेआम चिट्टा बेचा जा रहा है और इसकी रोकथाम के लिए कई बार पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। राधा देवी ने कहा कृ “जब तक चिट्टा बिकना बंद नहीं होगा, तब तक हमारे बच्चे और युवतियां इसकी गिरफ्त से बाहर नहीं निकल पाएंगे।”
मोहल्लेवासी और समाजसेवी डॉ. गिल ने भी पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही मोहल्ले के कुछ युवाओं ने चिट्टा बेचने वालों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया था और उनके पास से नशा भी बरामद हुआ था। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय चिट्टा बेचने वालों को मात्र दस मिनट में छोड़ दिया। उल्टा उन युवाओं को प्रताड़ित किया गया जिन्होंने नशे के कारोबारियों को पकड़वाया था। डॉ. गिल ने कहा कि “जब अपराधियों को संरक्षण मिलेगा, तो समाज में नशे की जड़ें और गहरी होती जाएंगी।” उन्होने बताया कि हमारी युवा टीम हनुमानगढ़ क्षेत्र को नशा मुक्त करने में जुटी हुई है। जिसके लिए अलग अलग टोलियां बनाकर कार्य किया जा रहा है। उक्त परिवार के लोगों को नशा मुक्त करने के लिए दवाईयां दिलवाई गई थी, परन्तु फिर भी नशें की इतनी भयंकर लत के चलते उक्त महिला ने चिट्टे का सेवन किया, जिस कारण उसका गर्भपात हो गया।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी रोष है। मोहल्लेवासी एकजुट होकर अब नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण चिट्टे का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है। हर गली, हर नुक्कड़ पर नशे का कारोबार चल रहा है और युवा वर्ग इसकी गिरफ्त में बर्बाद हो रहा है।

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