100 रुपये में लग्जरी घर खरीदने का बंपर मौका, जानिए कौन से शहर में और क्या हैं 3 शर्तें

फ्रांस का अंबर्ट पहला शहर नहीं है जो ऐसी योजना लेकर आया है। इटली, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देशों में भी कई कस्बे “1 यूरो हाउस” प्रोजेक्ट चला चुके हैं।

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Home For Sale Sign in Front of New House.

घर खरीदना भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में एक बड़ा (100 Rupees House News) सपना माना जाता है। लेकिन जब ये सपना महज़ 100 रुपए में पूरा हो सकता हो, वो भी फ्रांस जैसे देश में, तो सवाल उठना लाजमी है—इतना सस्ता क्यों? और इसके पीछे क्या चाल है?

फ्रांस के अंबर्ट (Ambert) नामक शहर ने हाल ही में एक अनोखी योजना की घोषणा की है, जिसमें लोगों को सिर्फ 1 यूरो यानी करीब ₹100 में घर दिया जा रहा है। सुनने में यह सपना जैसा लगता है, लेकिन इसमें कई शर्तें और चुनौतियां भी हैं, जो इस ऑफर को उतना आसान नहीं रहने देतीं।

अंबर्ट फ्रांस के सेंट्रल हिस्से में स्थित एक ऐतिहासिक लेकिन छोटा शहर है, जिसकी आबादी आज सिर्फ 6,500 के करीब है। पिछले कुछ दशकों में युवा वहां से पलायन कर चुके हैं और शहर की अर्थव्यवस्था ठहर गई है। अब स्थानीय प्रशासन ने इन वीरान हो चुके मकानों के जरिए नए निवासी आकर्षित करने का फैसला किया है।

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100 रुपये में घर, लेकिन तीन बड़ी शर्तों के साथ:  इस योजना में हिस्सा लेने वालों को तीन शर्तों को मानना जरूरी है:

  1. पहली बार घर खरीदने वालों के लिए: यह स्कीम सिर्फ उन लोगों के लिए है जिन्होंने पहले कभी कोई घर नहीं खरीदा है। यानी यह पूरी तरह से नए खरीदारों को प्राथमिकता देती है ताकि उन्हें घर मिल सके और शहर को नई जिंदगी।

  2. कम से कम तीन साल रहना जरूरी: घर खरीदने के बाद उसमें कम से कम तीन साल तक रहना जरूरी होगा। मकसद ये है कि लोग सिर्फ इन घरों को खरीदकर मुनाफे के लिए किराए पर न चढ़ाएं, बल्कि यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था में हिस्सा लें। यदि तीन साल तक न रहने की शर्त टूटती है तो सरकार आर्थिक सहायता वापस ले सकती है और जुर्माना भी लग सकता है।

  3. महंगा रेनोवेशन अनिवार्य: इन घरों की हालत बेहद खराब है। छतें जर्जर, दीवारें टूटी हुईं, बिजली-पानी का ढांचा अस्थिर। घर को रहने लायक बनाने के लिए लाखों रुपए का रेनोवेशन करना पड़ेगा। प्रशासन रेनोवेशन की एक लिखित योजना भी मांग सकता है, जिसमें बजट, काम का विवरण और समयसीमा देनी होगी।

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सिर्फ अंबर्ट नहीं, और भी शहर अपना रहे ये तरीका
फ्रांस का अंबर्ट पहला शहर नहीं है जो ऐसी योजना लेकर आया है। इटली, स्पेन और पुर्तगाल जैसे देशों में भी कई कस्बे “1 यूरो हाउस” प्रोजेक्ट चला चुके हैं। इनके पीछे एक ही रणनीति है—पुराने और खाली पड़े गांवों-कस्बों को दोबारा आबाद करना। लेकिन अधिकतर मामलों में खरीदारों को भारी मरम्मत और कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

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क्या भारतीय खरीदार भी ले सकते हैं हिस्सा?
तकनीकी तौर पर, हां। लेकिन इसके लिए फ्रांस के रेजिडेंसी नियमों, टैक्स कानून और यूरोपियन यूनियन की शर्तों का पालन करना जरूरी होगा। भारतीय नागरिक अगर फ्रांस में रिहायश और निवेश के इरादे से ऐसा घर खरीदना चाहें, तो उन्हें लंबी प्रक्रिया और खर्च के लिए तैयार रहना पड़ेगा।

बता दें, इस खबर ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरी हैं, खासकर सोशल मीडिया पर। ₹100 में फ्रांस में घर लेकिन हकीकत यही है कि यह सिर्फ कागज़ी कीमत है। असल खर्च तो उसकी मरम्मत, कानूनी कागज़ात, लाइसेंस और रहन-सहन में आता है। लेकिन अगर आप विदेश में एक शांत और ऐतिहासिक शहर में ज़िंदगी शुरू करने का साहस रखते हैं, तो ये प्रस्ताव वाकई एक नया मौका बन सकता है सस्ते सपनों की बड़ी कीमत के साथ।

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