रूस में दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप आया, जानें किन 12 देशों में हुआ सुनामी अलर्ट

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रूस (russia earthquake) के कामचटका प्रायद्वीप के पास बुधवार सुबह 8.8 तीव्रता का भूकंप आया है। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 8.8 मापी गई, जो इसे हालिया वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप बनाता है। स्थानीय समयानुसार भूकंप सुबह करीब 7:45 बजे आया। भूकंप के बाद, जापान, अमेरिका और चीन अलर्ट पर हैं।

जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र भूमि से करीब 40 किलोमीटर गहराई में था। झटके इतने तेज़ थे कि आस-पास के कई इलाकों में भारी कंपन महसूस किया गया। अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है।

जापान के NHK टेलीविजन के मुताबिक, देश के पूर्वी तट के पास एक फुट ऊंची पहली सुनामी लहरें पहुंची हैं। जापान ने अपने फुकुशिमा परमाणु रिएक्टर को खाली को करा लिया है।

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12 से ज्यादा देशों में जारी हुआ सुनामी अलर्ट

  • रूस (कामचटका और कुरील द्वीप समूह)
  • जापान (देशभर में)
  • अमेरिका (हवाई और अलास्का)
  • कनाडा (ब्रिटिश कोलंबिया)
  • इक्वाडोर (गैलापागोस द्वीप समूह)
  • पेरू (तटीय इलाके)
  • मेक्सिको (तटीय इलाके)
  • न्यूजीलैंड और प्रशांत द्वीप समूह (गुआम, सोलोमन आइलैंड्स, नॉर्दन मरियाना द्वीप)
  • चीन (पूर्वी तट)
  • फिलीपींस
  • ताइवान
  • इंडोनेशिया

जापान में कैसे हैं हालात?
सबसे अधिक प्रभावित लोग होक्काइडो, कानागावा और वाकायामा जैसे इलाकों में हैं।होक्काइडो जापान का सबसे उत्तरी द्वीप है। यहां सुनामी की पहली लहरें टकराईं। कई मीडिया रिपोर्टों में लोगों को छतों पर शरण लेते हुए दिखाया गया है।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया है कि अब तक जो सुनामी लहरें आई हैं, उनकी ऊंचाई 30 से 50 सेंटीमीटर के बीच रही है। ये टोक्यो के पास के इलाकों तक पहुंच गई हैं। पहले अनुमान था कि लहरें तीन मीटर तक ऊंची हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल ऐसा नहीं हुआ है।

हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति बदल सकती है और नई लहरें आ सकती हैं।इस आपदा का असर हवाई यातायात और समुद्री सेवाओं पर भी पड़ा है। जापान में करीब 20 लाख लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है। देश के तटीय इलाकों से सुनामी की छोटी लहरें टकरा रही हैं। हालांकि, लहरें पहले जितनी बड़ी बताई गई थीं, उससे काफी कम हैं।

अमेरिका ने जारी किया अलर्ट
कामचटका में आए भूकंप के बाद अमेरिका के हवाई राज्य में सुनामी का खतरा बढ़ गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए हवाई के गवर्नर जोश ग्रीन ने तुरंत इमरजेंसी की घोषणा कर दी। ऐसी आशंका है कि कुछ ही घंटों में सुनामी के लहरें हवाई के द्वीपों से टकरा सकती हैं।

इमरजेंसी डिपार्टमेंट ने बताया कि पहली लहर स्थानीय समयानुसार शाम 7:10 बजे (भारतीय समय के मुताबिक सुबह 10:40) में आने की संभावना है। गवर्नर जोश ग्रीन ने सोशल मीडिया पर लोगों से अपील की कि वे मामले को हल्के में न लें और तटीय इलाकों से दूर जाकर ऊंची और सुरक्षित जगहों पर शरण लें।

कामचटका को अब तक के दर्ज छह सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जाएगा

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक यह अब तक के दर्ज छह सबसे शक्तिशाली भूकंपों में गिना जाएगा। इससे पहले इसी तीव्रता के दो और बड़े भूकंप हुए थे। एक 2010 में चिली के बायोबियो क्षेत्र और दूसरा 1906 में इक्वाडोर के एस्मेराल्डास में आए थे।

USGS के मुताबिक, चिली के भूकंप में 523 लोगों की मौत हुई थी और 3.7 लाख से ज्यादा घर तबाह हो गए थे। वहीं, इक्वाडोर के भूकंप से आई बड़ी सुनामी ने 1,500 लोगों की जान ली थी और लहरें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक पहुंच गई थीं।

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एक और दिलचस्प बात यह है कि अब तक पांचवां सबसे भीषण भूकंप भी रूस के कामचटका इलाके में ही आया था। यह भूकंप 1952 में आया था और इसे दुनिया का पहला दर्ज किया गया 9 तीव्रता का भूकंप माना जाता है। उस भूकंप ने एक भीषण सुनामी पैदा की थी, जिसने हवाई को तबाह कर दिया था और वहां 10 लाख डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ था।

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