पंचमुखी बालाजी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सागर

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पं. प्रकाशानंद महाराज ने धर्म की महिमा और भक्त चरित्रों से किया जनमानस का मार्गदर्शन
हनुमानगढ़। टाउन के सेक्टर नंबर 3 स्थित पंचमुखी बालाजी मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ निरंतर जारी है। गुरुवार को कथा की शुरुआत विधिवत गुरू वंदन के साथ की गई, जिसमें भक्तों ने भावपूर्वक भाग लिया। कथा वाचक परम श्रद्धेय पंडित प्रकाशानंद महाराज (श्रीधाम वृंदावन, मथुरा) की वाणी से जैसे ही कथा प्रारंभ हुई, पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मुख्य यजमान बालकृष्ण अग्रवाल तथा मंदिर समिति के अध्यक्ष शंकरलाल गुप्ता ने प्रभु श्री श्याम की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर कथा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिन्होंने संत वाणी के माध्यम से धर्म, भक्ति और जीवन के गूढ़ रहस्यों को आत्मसात किया।
पं. प्रकाशानंद महाराज ने इस दिन महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से धर्म और अधर्म के बीच हुए संघर्ष की व्याख्या करते हुए बताया कि धर्म की हमेशा विजय होती है, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। उन्होंने राजा परीक्षित के जन्म, गौमाता की सेवा, ध्रुव चरित्र और भक्त प्रह्लाद के जीवन प्रसंगों का भी मार्मिक वर्णन किया। इन कथाओं के माध्यम से उन्होंने भक्ति, श्रद्धा और गुरु की शरण में जाने के महत्व को सरल शब्दों में समझाया। कथा में भाग ले रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि पंडितजी की कथा शैली अत्यंत मधुर, भावनात्मक और शिक्षाप्रद है, जिससे हर वर्ग के व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिल रहा है।
पंचमुखी बालाजी मंदिर समिति के अध्यक्ष शंकरलाल गुप्ता ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा 8 जुलाई से शुरू होकर 14 जुलाई 2025 तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा के अंतिम दिन 15 जुलाई को प्रातः 9 बजे हवन यज्ञ एवं पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन किया जाएगा।

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