योग व नेचुरोपैथी से रोगमुक्त जीवन का संदेश
हनुमानगढ़ टाउन के किले के पास वाली गली में स्थित शनि मंदिर के पास आज आयुर्वेदा हीलिंग टेंपल (क्लिनिक) में स्किल डेवलपमेंट सर्टिफिकेट डिजिटल कोर्स के तहत एक विशेष प्रोफेशनल चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और युवा शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। क्लिनिक के प्रमुख डॉ. किशोर ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि किस प्रकार योग और प्राकृतिक चिकित्सा (नैचुरोपैथी) से कई रोगों का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और तनावपूर्ण दिनचर्या से उत्पन्न बीमारियों का मूल कारण हमारी दिनचर्या में असंतुलन है। यदि व्यक्ति नियमित रूप से योग, प्राणायाम और प्राकृतिक आहार को अपनाए तो न केवल दवाइयों पर निर्भरता कम हो सकती है बल्कि शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है।
इस अवसर पर यूथ वीरांगना रजनी ने कहा कि “यूथ वीरांगनाओं” का मुख्य उद्देश्य लोगों को एलोपैथी दवाओं के अत्यधिक उपयोग से मुक्त कराना है। उन्होंने बताया कि योग और आयुर्वेद की सहायता से पुरानी से पुरानी बीमारियों जैसे कि डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, गठिया, माइग्रेन और अन्य विकारों को भी नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शरीर की प्राकृतिक उपचार प्रणाली को समझकर यदि व्यक्ति जीवन में योग को शामिल करता है तो वह मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से स्वस्थ रह सकता है। इस अवसर पर यूथ वीरांगना मीनाक्षी, भावना, प्रीती, सोमा, सरोज, रीमा, कंचन, रजनी और एशना सहित अनेक वीरांगनाएं उपस्थित रही। सभी ने मिलकर उपस्थित लोगों को योगाभ्यास और प्राकृतिक चिकित्सा के महत्व के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट वितरित किए गए और भविष्य में ऐसे आयोजनों को नियमित रूप से करने का संकल्प लिया गया।
यह आयोजन न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक रहा बल्कि समाज में प्राकृतिक और आयुर्वेदिक जीवनशैली अपनाने का सशक्त संदेश भी लेकर आया।
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