कभी नहीं सुने होंगे ये देश! गाजियाबाद से चला रहा था नकली दूतावास, जानिए क्या-क्या मिला?

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गाजियाबाद (Ghaziabad Fake Embassy) के कविनगर इलाके में एक आलीशान किराए के मकान में चल रहे फर्जी दूतावास का खुलासा हुआ है। STF ने 22 जुलाई को यहां छापेमारी कर हर्षवर्धन जैन नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया, जो खुद को “वेस्ट आर्कटिक” जैसे काल्पनिक देश का कॉन्सुल एंबेसडर बताता था। लग्जरी कारों, विदेशी मुद्रा, नकली दस्तावेजों और VIP लाइफस्टाइल की आड़ में वह वर्षों से एक हवाला नेटवर्क और इंटरनेशनल ठगी का धंधा चला रहा था।

STF एसएसपी सुशील घुले ने बताया कि हर्षवर्धन का अतीत भी संदिग्ध रहा है। 2011 में उसके पास से सेटेलाइट फोन बरामद हुआ था और वह चंद्रास्वामी व इंटरनेशनल आर्म्स डीलर अदनान खगोशी जैसे लोगों से संपर्क में रह चुका है।

क्या है पूरा मामला?
STF के मुताबिक, हर्षवर्धन जैन गाजियाबाद के केबी-35 कविनगर में एक मकान किराए पर लेकर खुद को “वेस्ट आर्कटिक”, “लोडोनिया”, “सबोरगा” और “पुलावाविया” जैसे फर्जी देशों का राजनयिक प्रतिनिधि बताकर लोगों को प्रभावित करता था। जांच में सामने आया कि ये सभी देश काल्पनिक हैं, और इनके कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं हैं।

फर्जी दूतावास के आरोपी के घर के बाहर लग्जरी कारें खड़ी हैं। उन पर झंडा भी फर्जी लगा हुआ है।

कैसे हुआ खुलासा?
STF को इनपुट मिला कि एक शख्स डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी गाड़ियों में घूम रहा है और खुद को फर्जी एम्बेसडर बताकर लोगों को झांसा दे रहा है। 22 जुलाई को छापेमारी में उसे रंगेहाथ पकड़ा गया। उसके पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली।

हर्षवर्धन के घर के बाहर वेस्ट आर्कटिक लिखा है। जिसे काल्पनिक देश का दूतावास बताया गया है।

क्या-क्या बरामद हुआ?

  • 4 लग्जरी गाड़ियां (VIP डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट्स के साथ)
  • 34 मोहरें (विभिन्न काल्पनिक देशों और कंपनियों की)
  • 44.70 लाख रुपये नकद
  • विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा
मॉर्फ की गई तस्वीरों में खुद को प्रधानमंत्री के साथ
  • विदेश मंत्रालय की मोहर लगे फर्जी दस्तावेज
  • 12 डिप्लोमैटिक पासपोर्ट (माइक्रोनेशन देशों के)
  • 2 फर्जी पैन कार्ड, 2 फर्जी प्रेस कार्ड
  • 18 डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट्स

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किस तरह की ठगी करता था?
हर्षवर्धन लोगों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों और विदेशी संस्थाओं में नौकरी, व्यापारिक लाइसेंस और निवेश के नाम पर ठगता था। वह शेल कंपनियों के ज़रिए हवाला ट्रांजैक्शन भी करता था। मॉर्फ की गई तस्वीरों में खुद को प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसी हस्तियों के साथ दिखाकर लोगों का भरोसा जीतता था।

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