Vaishno Devi Landslide: वैष्णो देवी में लैंडस्लाइड, अबतक 32 की मौत कई लापता

जम्मू-कश्मीर में हाल के हफ्तों में बादल फटने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले किश्तवाड़ में 14 अगस्त को बादल फटने से 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी

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वैष्णो देवी मंदिर के ट्रैक पर लैंडस्लाइड (Vaishno Devi Landslide) मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर बुधवार को 32 हो गया। हादसा मंगलवार दोपहर 3 बजे पुराने ट्रैक पर अर्धकुमारी मंदिर के पास हुआ। कल तक लगभग 7 लोगों की मरने की खबर थी लेकिन अब ये आकड़ा लगातार बढ़ने लगा है। 23 से ज्यादा लोग जख्मी हैं और कई लापता हैं। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। कल दोपहर बादल फटने के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई थी।

जम्मू शहर में मंगलवार को 24 घंटे से भी कम समय में 250 मिमी से ज्यादा बारिश हुई थी। इससे कई जगह बाढ़ जैसे हालात हैं। घरों और खेतों में पानी भर गया है। वैष्णो देवी लैंडस्लाइड के चश्मदीद ने बताया- बड़े-बड़े पत्थर अचानक गिरने लगे और सब तबाह हो गया।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने माता वैष्णो देवी में भूस्खलन और पिछले दो दिनों में जम्मू-कश्मीर में बाढ़ से संबंधित अन्य घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए 6 लाख रुपये (SDRF से 4 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपये) की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।

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गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने राहत, पुनर्वास और बहाली की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रत्येक उपायुक्त को 10 करोड़ रुपये अग्रिम रूप से देने का निर्देश दिया है।

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जम्मू का सड़क मार्ग और रेल मार्ग प्रभावित
इसके साथ ही जम्मू का देश से सड़क व रेल संपर्क पूरी तरह कट गया। मंगलवार रात भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने रात नौ बजे के बाद अकारण घरों से बाहर निकलने पर भी रोक लगा दी थी। तवी, चिनाब, उज्ज सहित सभी नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं।

जम्मू-कश्मीर में हाल के हफ्तों में बादल फटने की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले किश्तवाड़ में 14 अगस्त को बादल फटने से 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र में मौसम संबंधी चरम घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसके लिए बेहतर पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन प्रणाली की जरूरत है।

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