हनुमानगढ़। भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र (सीटू) जिला कमेटी हनुमानगढ़ के नेतृत्व में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर में विशाल आमसभा का आयोजन हुआ। सभा में हजारों की संख्या में मजदूर, किसान और नौजवान शामिल हुए। सभा के उपरांत जिला कलेक्टर मार्फत मुख्यमंत्री को 17 सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। सीटू नेताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों ने मजदूर वर्ग को शोषण की खुली भट्टी में झोंक दिया है। महंगाई चरम पर है, रोजगार घटा है और अमीरी-गरीबी की खाई तेजी से बढ़ रही है।
सभा को संबोधित करते हुए लोकसभा सांसद कामरेड अमराराम, पूर्व विधायक बलवान पूनिया, सीटू राज्य अध्यक्ष भंवर सिंह शेखावत, प्रदेश महामंत्री वी.एस. राणा, प्रदेश कमेटी सदस्य रामेश्वर वर्मा सहित अन्य नेताओं ने कहा कि केन्द्र सरकार ने 44 श्रम कानूनों को खत्म कर चार लेबर कोड थोप दिए हैं, जिससे मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं। काम की अवधि 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है, स्थाई रोजगार खत्म कर पूंजीपतियों को मनमानी करने की खुली छूट दी गई है। यूनियन बनाने, हड़ताल करने और न्यायालय में अपील का अधिकार भी छीना गया है।
लोकसभा सांसद कामरेड अमराराम ने आरोप लगाया कि सरकार राष्ट्रीय सम्पत्ति—रेलवे, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य, तेल कंपनियां, कोयला, बैंक और बीएसएनएल जैसी सार्वजनिक उपक्रमों को नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन के तहत पूंजीपतियों को सौंप रही है। जनता की गाढ़ी कमाई से बने इन उपक्रमों को बेचकर सरकार “अमृतकाल” का झूठा प्रचार कर रही है। बिजली बिल संशोधन 2020 किसानों और उपभोक्ताओं के लिए विनाशकारी बताया गया।
पूर्व विधायक बलवान पूनिया ने कहा कि भाजपा-आरएसएस सांप्रदायिक राजनीति के जरिए मजदूर-किसान एकता को तोड़ना चाहती है ताकि पूंजीपतियों की लूट तेज हो सके। सभा में महिला पहलवानों को न्याय दिलाने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठा। वक्ताओं ने कहा कि गोल्ड मेडलिस्ट महिला पहलवानों को जब न्याय पाने के लिए सड़क पर बैठना पड़े और कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही भाजपा सांसद और कुश्ती संघ अध्यक्ष पर कार्रवाई हो, तो यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक स्थिति है।
सीटू राज्य अध्यक्ष भवर सिंह शेखावत ने अपनी मांगों में श्रम संहिताओं को रद्द करने, सभी श्रमिकों को 26,000 रुपये न्यूनतम मजदूरी और 10,000 रुपये पेंशन देने, ठेका प्रथा व अग्निपथ योजना समाप्त करने, असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा में शामिल करने की बात रखी। किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (सी2+50%) कानूनी रूप से सुनिश्चित करने, धान की सरकारी खरीद शुरू करने, किसानों का सम्पूर्ण कर्ज माफ करने और जमीन की कुर्की रोकने की मांग की गई।
प्रदेश कमेटी सदस्य रामेश्वर वर्मा ने इसी क्रम में हनुमानगढ़ में बीज व कीटनाशक जांच प्रयोगशाला स्थापित करने, अवैध फाइनेंस दुकानों पर कार्रवाई करने, बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, मनरेगा में कार्य दिवस बढ़ाकर 200 करने और मजदूरी 600 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई। राष्ट्रीय शहरी रोजगार गारंटी कानून बनाने पर भी जोर दिया गया।
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