गोपाष्टमी पर हुआ सुंदरकांड पाठ व महाआरती का भव्य आयोजन

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– लकी ड्रा में पार्थ गोयल बने चांदी के सिक्के के विजेता
हनुमानगढ़ टाउन की बरकत कॉलोनी स्थित फाटक गौशाला में गोपाष्टमी के पावन अवसर पर धार्मिक उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में श्री सुंदरकांड मित्र मंडल प्राचीन द्वारा संगीतमय श्री सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। गौशाला परिसर में शाम से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और सभी ने भावपूर्वक भगवान हनुमान जी के चरित्र का रसपान किया।
फाटक गौशाला समिति के अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल ने बताया कि गोपाष्टमी पर्व पर गौवंश की सेवा और कल्याण को समर्पित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बीमार, एक्सीडेंटल और असहाय गायों के स्वास्थ्य की मंगलकामना करना था। उन्होंने कहा कि गौसेवा ही सच्ची सेवा है और इसी भावना के साथ सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। सुंदरकांड पाठ के पश्चात महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर भगवान हनुमान जी से मंगल आशीर्वाद की कामना की। आरती के दौरान वातावरण “जय श्री राम” और “गो माता की जय” के जयघोषों से गूंज उठा। इसके बाद 100 ग्राम चांदी के सिक्के का लकी ड्रा निकाला गया। मुरलीधर अग्रवाल ने बताया कि यह वही सिक्का है, जिस पर प्रतिदिन सांवलिया सेठ का तिलक लगाकर पूजा-अर्चना की जाती थी। महाआरती के दौरान छोटी कन्याओं ने श्रद्धापूर्वक लकी ड्रा निकाला, जिसमें पार्थ गोयल विजेता रहे। गौशाला समिति के सदस्यों ने मंच पर पार्थ गोयल को चांदी का सिक्का भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ विजेता को बधाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया और गौसेवा के इस आयोजन की सराहना की। आयोजन के सफल संपादन में गौशाला समिति के सदस्यगण, सुंदरकांड मित्र मंडल, और स्थानीय श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। गोपाष्टमी की यह रात्रि भक्ति, सेवा और उत्साह के रंग में डूबी रही।

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