संवाददाता भीलवाड़ा। अंतरराष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुके कोविड-19 (कोरोना) से बचाव के लिए भीलवाड़ा जिले में केंसर सहित कई रोगों के उपचार के प्रतिष्ठित श्रीनवग्रह आश्रम सेवा संस्थान में आज विष्व में कोरोना मुक्ति के लिए औषधीय पौधों से वैदिक मंत्रोचार के साथ देवयज्ञ का आयोजन किया गया। आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी ने बताया कि आश्रम प्रबंधक महिपाल चोधरी के मुख्य यजमान में आयोजित यज्ञ में औषधीय पौधों की इस अवसर पर औषधियों से बनी विशेष सामग्री से ऋग्वेद के विशेष मंत्र से प्रार्थना के साथ आहुतियां दी गई। माना जाता है कि विशेष औषधियों से बनी सामग्री वातावरण को शुद्ध करने व रोगाणु नाश करने का कार्य करती हैं।
आश्रम परिसर व सगड़ोलिया कनीराम मेमोरियल स्कूल परिसर में कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए यज्ञ का आयोजन किया गया है, ताकि वातावरण में शुद्धता आ सके। मौके पर आश्रम व स्कूल परिवार के पदाधिकारी तथा स्वयंसेवक उपस्थित थे। धार्मिक मान्यता है कि हवन करने से वातावरण में शुद्धता आती है तथा विषाणु-कीटाणु नष्ट होते हैं।
आश्रम के संस्थापक हंसराज चोधरी ने बताया कि भारतीय संस्कृति नव वर्ष के मौके पर विश्व को कोरोना से मुक्ति के लिए देव यज्ञ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज विश्व के अधिकांश हिस्से में कोरोना का प्रकोप है। स्वस्थ अन्न का उपयोग,नित्य योग व स्वस्थ मन होने से लोग रोगमुक्त रहते हैं। वैदिक संस्कृति में आज के दिन का बहुत महत्व है। उन्होंने कहा 1960853122 वर्ष पूर्व सृष्टि की रचना हुई। यह दिन सृष्टि रचना का पहला दिन है। और इस दिन (आदि सृष्टि में ) परमपिता परमेश्वर ने अपना ज्ञान हमें वेदों के रूप में दिया । कलि संवत्सर का प्रथम दिन 5123 वर्ष पूर्व युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ था। इस अवसर पर सभी ने विश्व को कोरोना से मुक्ति के लिए प्रार्थना किया। श्रीनवग्रह आश्रम सेवा संस्थान के सचिव जितेंद्र चोधरी ने आभार ज्ञापित किया।
ताजा अपडेट्स के लिए आप पञ्चदूत मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, ऐप को इंस्टॉल करने के लिए यहां क्लिक करें.. इसके अलावा आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।




































