संवाददाता भीलवाड़ा। राजस्थान एकीकृत शिक्षक संघ भरतपुर ने प्रदेश स्तरीय निर्णय के अनुसार जिला स्तर पर ज्ञापन देने के क्रम में आज मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रशासन) भरतपुर बीना महावर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें राजस्थान के शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष माह अगस्त सितंबर में ही शिक्षकों के लिए ऑनलाइन आवेदन स्थानांतरण मांगे गए थे जिसमें हजारों शिक्षकों ने आवेदन किया। लेकिन अभी तक राजस्थान सरकार से शिक्षकों के स्थानांतरण की आस पूरी नहीं हुई। यही नहीं आजादी के बाद से ही कई सरकारें आई और गई तथा कई कमेटियों और सब कमेटियों का गठन हुआ तथा जब भी कोई नया शिक्षा मंत्री बना उन्होंने पारदर्शी एवं स्थानांतरण नीति के तहत स्थानांतरण करने का वादा किया लेकिन पारदर्शी स्थानांतरण नीति शिक्षकों हेतु सरकार द्वारा अभी तक नहीं बन पाई है जो भी सरकार आती हैं शिक्षकों का राजनीतिक दृष्टिकोण रखते हुए स्थानांतरण एवं पदस्थापना करती है इसलिए स्थानांतरण में भी पारदर्शिता पूर्ण नीति लागू की जाने की मांग की गई है। जिसमें एक ही पैमाना स्थानांतरण के लिए लागू करने और स्पष्ट रूप से नियम ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्रों में अधिकतम ठहराव के अंतर होने की अनिवार्यता रखने तथा पिछले 3 वर्षों के परीक्षा परिणाम के आधार पर भी तात्कालिक नीति बनाकर भी काफी हद तक शिक्षकों में असंतोष को दूर किया जाए जिससे अधिकतम शिक्षक संतुष्ट हो सकें। माननीय मुख्यमंत्री महोदय से यह मांग एवं अपेक्षा की गई कि राजस्थान के लगभग साढे़ चार लाख शिक्षकों के असंतोष को शीघ्र ही दूर करके उनका कष्ट दूर करें। जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष सहदेव सिंह ने बताया कि इस अवसर पर राजस्थान एकीकृत शिक्षक संघ भरतपुर के जिला महामंत्री तेजसिंह महावर जिला संरक्षक व्याख्याता भूपेंद्र सिंह मीणा, कोषाध्यक्ष राजेंद्रसिंह और संगठन मंत्री किशन सिंह,शशि रानी, सोहनसिंह, नरेंद्र सिंह, तेजप्रकाश, मोहम्मद ईसा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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