Lucknow Bus Fire: चलती बस में भीषण आग, 5 लोगों की जिंदा जलकर मौत, देखें तस्वीरें

534

लखनऊ में गुरुवार सुबह चलती स्लीपर एसी बस (Lucknow Bus Fire) में आग लग गई। हादसे में 5 यात्रियों की जलकर मौत हो गई। मृतकों मां-बेटी, पिता-बेटी शामिल हैं। हादसा सुबह 5 बजे आउटर रिंग रोड (किसान पथ) पर मोहनलालगंज के पास हुआ।

यात्रियों ने बताया कि बस में अचानक धुआं भरने लगा। लोगों को कुछ समझ नहीं आया। कुछ ही मिनटों में आग की तेज लपटें उठने लगीं। बस के अंदर भगदड़ मच गई। बस ड्राइवर और कंडक्टर आग लगी बस को छोड़कर भाग गए। ड्राइवर की सीट के पास एक एक्स्ट्रा सीट लगी थी। ऐसे में यात्रियों को नीचे उतरने में दिक्कत हुई। कई यात्री फंसकर गिर गए।

आसपास के लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक पूरी बस जल चुकी थी। दमकल ने करीब 30 मिनट में आग बुझाई।

अंदर पहुंची तो जले हुए 5 शव मिले। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस का इमरजेंसी गेट नहीं खुला। इस वजह से पीछे बैठे लोग फंस गए। बस में पांच-पांच किलो के सात गैस सिलेंडर थे। हालांकि, कोई भी सिलेंडर फटा नहीं।

हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें 

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Panchdoot (@panchdoot_news)

मरने वाले सभी बिहार के
हादसे में मरने वालों की पहचान बिहार निवासी लख्खी देवी (55) पत्नी अशोक मेहता, सोनी (26) पुत्री अशोक महतो, देवराज (3) पुत्र रामलाल और साक्षी (2) पुत्री रामलाल के रूप में हुई है। एक मृतक की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। एंबुलेंस चालक ने बताया- बच्चों के शव सीट पर मिले, जबकि महिलाएं और पुरुष सीट के नीचे मिले।

ये भी पढ़ें: Samsung का सबसे ‘स्लिम फोन’ Galaxy S25 Edge लॉन्च, जानें फीचर्स और कीमत

बस सवार अन्य यात्रियों ने क्या कहा
यात्री तार चंद ने कहा- ड्राइवर-कंडक्टर ने किसी को आवाज नहीं दी। दोनों कूदकर भाग गए। उनकी लापरवाही के कारण आग लगी। धुएं की गंध से आग लगने की जानकारी मिली। एक अन्य यात्री बालक राम ने बताया- मैं सात माह की गर्भवती पत्नी और दो बच्चों के साथ बस में सवार था। आग लगने पर पहले पत्नी को नीचे उतारा। बच्चे सीट पर सो रहे थे। उन्हें नीचे नहीं उतार पाया। यह घटना सुबह करीब साढ़े चार-पौने पांच बजे की है। गियर के पास स्पार्क हुआ और वहीं से आग लगनी शुरू हुई। ड्राइवर बिना किसी को बताए भाग गया। आगे के यात्री तो किसी तरह निकल गए, लेकिन पीछे के यात्री फंस गए।

आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।