गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को लेकर बैठक आयोजित

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हनुमानगढ़। रबी सीजन में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को लेकर बुधवार को जिला कलक्ट्रेट में अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदीलाल मीणा की अध्यक्षता में व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरकार के पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित हैंडलिंग व्यवस्था को लेकर व्यापारियों और प्रशासन के बीच चर्चा हुई, लेकिन इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका। मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए जल्द ही दोबारा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। बैठक में व्यापारियों ने गेहूं खरीद के दौरान लोडिंग व अन्य हैंडलिंग कार्यों को लेकर अपनी शंकाएं और सुझाव प्रशासन के सामने रखे। फूडग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल एवं हनुमानगढ़ जंक्शन व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुलवीर सिंह ने बताया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन की मंशा है कि पंजाब-हरियाणा की तर्ज पर कमीशन एजेंटों के माध्यम से गेहूं की हैंडलिंग और लोडिंग तक का कार्य कराया जाए। उन्होंने बताया कि इस विषय को लेकर पिछले दो से तीन माह से लगातार चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। मुख्य समस्या यह है कि पंजाब और हरियाणा में इस प्रकार के कार्य करने वाले व्यापारियों पर ईपीएफ और ईएसआईसी बीमा जैसी बाध्यता नहीं होती, जबकि राजस्थान में इस व्यवस्था के तहत कार्य करने के लिए व्यापारियों को ईपीएफ और ईएसआईसी का लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। फूडग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के सचिव दलीप सिंह ढिल्लों का कहना है कि इन नियमों के कारण अतिरिक्त प्रशासनिक और आर्थिक दायित्व बढ़ेंगे, इसलिए इस पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जरूरी हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर प्रशासन और व्यापारियों के बीच वार्ताओं का दौर जारी है। सचिव दलीप सिंह ढिल्लो ने यह भी कहा कि यदि पंजाब-हरियाणा पैटर्न पर व्यवस्था लागू होती है और सभी शंकाओं का समाधान हो जाता है, तो यहां के व्यापारी इस व्यवस्था को अपनाने के लिए तैयार हैं। इससे गेहूं खरीद की प्रक्रिया में तेजी आएगी और जो कार्य आमतौर पर तीन से चार माह में पूरा होता है, वह करीब एक माह में ही संपन्न किया जा सकेगा। बैठक में गेहूं खरीद की तैयारियों, व्यवस्थाओं और किसानों को होने वाली सुविधाओं पर भी चर्चा की गई। प्रशासन ने व्यापारियों से सुझाव लेकर आगामी बैठक में इस विषय पर अंतिम निर्णय लेने की बात कही है।
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