उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसूनी बारिश के बाद बाढ़ का सितम (Floods News) देखने को मिल रहा है। पंजाब बाढ़ से बुरी तरीके से प्रभावित है। हिमाचल, उत्तराखंड और राजस्थान में भी बाढ़ से हालात बेहद खराब है। हिमाचल प्रदेश में 366 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार को ₹4 लाख करोड़ की संपत्ति का नुकसान भी हुआ है। शिमला में 116% और कुल्लू में 113% बारिश हुई, जो सामान्य से दोगुनी है।
पंजाब के सभी 23 जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन लुधियाना का ससराली बांध टूटने का खतरा बना हुआ है। पीएम मोदी 9 सितंबर को बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा करेंगे।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के नौगांव में शनिवार शाम को बादल फटा। बाजार और कई घरों में पानी-मलबा घुस गया। सड़क पर खड़ी कई गाड़ियां भी बह गईं। उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी शहर से 1 किमी दूर तक पहुंच गई है। घाट किनारे के आश्रमों में 5 फीट तक पानी भरा है। वृंदावन परिक्रमा मार्ग पानी में डूबा है।
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राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी ने बताया कि 7 सितंबर को गुजरात, पूर्वी राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में भारी वर्षा होने की संभावना है। शनिवार को जारी एक बयान में मौसम विभाग ने बताया कि 7 सितंबर को गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में छिटपुट स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि 6 सितंबर को गुजरात क्षेत्र, 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान और 7 सितंबर, 2025 को दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में असाधारण रूप से भारी वर्षा (30 सेमी) होने की संभावना है।

बता दें, भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी बयान में कहा गया कि 8 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान, 6 और 7 सितंबर को उत्तराखंड, 8 और 9 सितंबर को हिमाचल प्रदेश, 8 से 10 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, 10 सितंबर को पंजाब, 10 और 11 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, 8 सितंबर को पूर्वी राजस्थान, 7 सितंबर को कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, 8 सितंबर को गुजरात राज्य में भारी बारिश की संभावना है।




































