राष्ट्रीय पैरा कबड्डी में राजस्थान का स्वर्णिम परचम

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-हनुमानगढ़ पहुंचने पर चैंपियन खिलाड़ियों का भव्य स्वागत, खेलप्रेमियों ने बढ़ाया हौसला
हनुमानगढ़।
 आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 22 से 26 जनवरी तक आयोजित तीसरी राष्ट्रीय पैरा कबड्डी चैंपियनशिप में राजस्थान पैरा कबड्डी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने हिमाचल प्रदेश की मजबूत टीम को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। यह राजस्थान पैरा कबड्डी के इतिहास में पहला अवसर है जब टीम ने राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक हासिल किया है।
चैंपियनशिप जीतकर हनुमानगढ़ लौटने पर विजेता खिलाड़ियों का रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत किया गया। स्थानीय खेलप्रेमियों और समाजसेवियों द्वारा खिलाड़ियों को माला पहनाकर, मिठाई खिलाकर और तालियों की गूंज के बीच अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर खेलप्रेमी राजेश दादरी, महक गर्ग, योगेश गुप्ता सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
टीम इंचार्ज अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देश के 20 राज्यों की टीमों ने भाग लिया था। राजस्थान टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल में दमदार खेल दिखाते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। उन्होंने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और टीम भावना का परिणाम है।
हनुमानगढ़ पहुंचने पर टीम के मुख्य कोच सुनील सांवरिया, बेस्ट डिफेंडर का पुरस्कार प्राप्त करने वाले चेतराम, उप कप्तान लोक राम, गुरप्रीत सिंह एवं टीम सहयोगी राजेंद्र का विशेष रूप से स्वागत किया गया। राजस्थान पैरा कबड्डी एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता एवं सचिव संदीप कौर ने बताया कि कोच सुनील सांवरिया द्वारा दिए गए गहन प्रशिक्षण और टीम मैनेजर योगेश द्वारा किए गए समन्वयात्मक प्रयासों से ही यह ऐतिहासिक सफलता संभव हो पाई।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी राजेश दादरी ने भारत माता के जयघोष के साथ खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और भविष्य में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। विक्रम सिंह मान एवं एडवोकेट दीपक सोनी ने भी खिलाड़ियों को माला पहनाकर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उपस्थित खेलप्रेमियों ने कहा कि यह जीत न केवल हनुमानगढ़ बल्कि पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय है और इससे युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी।

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