संतलाल ने कहा- अब मैं खुद के छोटे-मोटे काम करने में सक्षम हूं
हनुमानगढ़ टाउन की समाजसेवी संस्था यूथ वीरांगनायें ने आज एक असहाय परिवार की मदद कर मानवता की मिसाल पेश की। संस्था की सदस्याओं ने रीड की हड्डी की बीमारी से पीड़ित संतलाल पुत्र बुधराम को व्हीलचेयर प्रदान कर उसे नया जीवनदान दिया। संतलाल पिछले दो-तीन वर्षों से चलने-फिरने में असमर्थ था और बिस्तर तक सीमित हो चुका था। बीमारी के कारण वह खुद कोई काम नहीं कर पा रहा था, जिससे पूरा परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ऐसे में यूथ वीरांगनायें टीम से मिली मदद इस परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं रही। इस मौके पर यूथ वीरांगनायें टीम की सदस्य रजनी ने बताया कि संतलाल का परिवार काफी समय से इलाज करवा रहा था, लेकिन कोई विशेष सुधार नहीं हुआ। अब वह अपनी बीमारी पर सारा पैसा खर्च कर चुका था। जब परिवार ने व्हीलचेयर के लिए वीरांगनाओं से संपर्क किया तो संस्था ने तुरंत पहल करते हुए व्हीलचेयर प्रदान की। संस्था की इस संवेदनशीलता से परिवार के चेहरे पर खुशी लौट आई।
व्हीलचेयर मिलने के बाद संतलाल ने भावुक होते हुए कहा, “अब मैं दूसरों के सहारे के बिना खुद अपने छोटे-मोटे काम कर सकता हूं। यूथ वीरांगनाओं ने जो मदद की है, वह हमारे लिए अमूल्य है। मैं तहे दिल से धन्यवाद करता हूं।” यूथ वीरांगनाएं केवल एक संस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा समूह है जो लगातार समाजसेवा में अग्रसर है। इससे पूर्व भी ये बहनें गरीब मरीजों को दवाइयां दिलवाने, स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने, जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग देने, और निशुल्क सिलाई-कढ़ाई व ब्यूटी पार्लर कोचिंग सेंटर जैसे कई सराहनीय कार्य कर रही हैं।
आज के इस सेवा कार्य के दौरान यूथ वीरांगनायें मीनाक्षी, कंचन, रीमा, रजनी, भावना, एशेना, सरोज, डिम्पल सहित अन्य सदस्याएं उपस्थित रहीं। इनका कहना है कि उनकी संस्था का मकसद सिर्फ मदद करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की जिंदगी में आत्मनिर्भरता और उम्मीद की रोशनी लाना है। यूथ वीरांगनायें टीम की यह पहल समाज में सहयोग और सेवा की भावना को और अधिक मजबूत करती है।
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