भारत में मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए आने वाले समय में बड़ा बदलाव हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार केंद्र सरकार (mobile data tax) मोबाइल डेटा उपयोग पर टैक्स लगाने की संभावना पर विचार कर रही है। यह प्रस्ताव हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक में चर्चा के दौरान सामने आया। बताया जा रहा है कि सरकार इस कदम के जरिए नए राजस्व स्रोत तलाशने के साथ-साथ डेटा उपयोग को संतुलित बनाने की भी योजना बना रही है।
दूरसंचार विभाग को सौंपी गई जिम्मेदारी
इस प्रस्ताव की व्यवहारिकता और प्रभाव का अध्ययन करने की जिम्मेदारी Department of Telecommunications को दी गई है। विभाग को सितंबर 2026 तक इस संभावित टैक्स से जुड़े सभी पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। इस रिपोर्ट में यह भी देखा जाएगा कि डेटा उपयोग पर टैक्स लगाना तकनीकी और आर्थिक रूप से कितना संभव है।
सकारात्मक डेटा उपयोग को बढ़ावा देने की योजना
रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित टैक्स का उद्देश्य सिर्फ सरकारी राजस्व बढ़ाना नहीं है। इसके पीछे एक सामाजिक पहलू भी बताया जा रहा है। सरकार चाहती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग अधिक जिम्मेदारी से हो। खासकर बच्चों में बढ़ते स्क्रीन टाइम और इंटरनेट की लत को ध्यान में रखते हुए ऐसा मॉडल तैयार करने की बात कही गई है, जो सकारात्मक डेटा उपयोग को बढ़ावा दे और अनावश्यक ऑनलाइन गतिविधियों को कम करे।
ये भी पढ़ें: Apple iPhone 18 Pro, Pro Max जल्द होगा लॉन्च, जानें कीमत और क्या होंगे स्पेसिफिकेशन
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। Satya N. Gupta, जो पहले Telecom Regulatory Authority of India के प्रमुख सलाहकार रह चुके हैं, ने इस प्रस्ताव पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि डेटा उपयोग पर टैक्स लागू करना व्यवहारिक रूप से काफी मुश्किल हो सकता है। इससे इंटरनेट सेवाओं पर असर पड़ सकता है और देश में डिजिटल नवाचार की गति भी धीमी हो सकती है। उनका यह भी मानना है कि ऐसा कदम डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
सरकार को मिल सकता है बड़ा राजस्व
सरकार फिलहाल दूरसंचार क्षेत्र से मिलने वाले राजस्व को बढ़ाने के नए विकल्प तलाश रही है। अभी मोबाइल रिचार्ज पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाता है। आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में भारत में कुल मोबाइल डेटा खपत लगभग 229 अरब जीबी रही।

अगर डेटा उपयोग पर प्रति जीबी 1 रुपये का टैक्स लगाया जाता है, तो इससे सरकार को करीब 22,900 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है। फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। आने वाले समय में दूरसंचार विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही इस पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।





































