-ट्रम्प का पुतला फूंका, कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को एफटीए से बाहर रखने की मांग
हनुमानगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) के नेतृत्व में किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का पुतला फूंककर अपना विरोध जताया तथा भारत की राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर कृषि, डेयरी, पोल्ट्री एवं अन्य कृषि आधारित क्षेत्रों के हितों की रक्षा की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान किसान नेता इन्द्रसिंह पन्नीवाली ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से देश के करोड़ों किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों और डेयरी उत्पादकों की आजीविका पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उनका कहना था कि भारतीय कृषि मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों पर आधारित है, जबकि अमेरिका में कृषि बड़े पैमाने पर यंत्रीकृत, कॉरपोरेट आधारित तथा भारी सरकारी सब्सिडी से संचालित होती है। ऐसे में दोनों देशों के किसानों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित होगी।
किसान नेताओं ने कहा कि यदि अमेरिकी कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों को कम या शून्य आयात शुल्क पर भारत में प्रवेश दिया गया तो देश के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। इससे कृषि क्षेत्र में आय का संकट गहराएगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ज्ञापन में किसानों ने विशेष रूप से डेयरी क्षेत्र को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है और करोड़ों छोटे पशुपालकों की आजीविका डेयरी व्यवसाय पर निर्भर है। सस्ते आयातित डेयरी उत्पाद भारतीय दुग्ध उत्पादकों के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। इसी प्रकार अमेरिकी पोल्ट्री उत्पादों के आयात से देश के लाखों छोटे पोल्ट्री उत्पादकों और श्रमिकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुक, ट्विटर, इंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।





































