Supreme Court of India ने सोमवार को कहा कि वह इस बात से आहत है कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो न्यायपालिका ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma ) की मौत मामले में निष्पक्ष जांच में देरी कर रही हो या उसे प्रभावित कर रही हो। कोर्ट ने साफ किया कि अब इस मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपी जाएगी।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस Surya Kant ने 18 मई को प्रकाशित India Today की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बताया कि इसी रिपोर्ट के बाद अदालत ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया था। कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट में संस्थागत पक्षपात और जांच में कथित विसंगतियों को लेकर सवाल उठाए गए थे।
बेंच ने कहा कि मृतका के पति पेशे से वकील हैं और उनकी मां पूर्व जिला जज रह चुकी हैं। ऐसे में यह सवाल उठाया गया कि क्या जांच को प्रभावित किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि एक ऐसा नैरेटिव तैयार किया गया कि न्यायपालिका की वजह से निष्पक्ष जांच नहीं हो रही, इसी कारण सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना पड़ा।
अदालत ने यह भी नोट किया कि इस बीच Madhya Pradesh High Court ने मामले में दूसरा पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा जांच को CBI को ट्रांसफर करना है। कोर्ट ने ट्विशा शर्मा की मौत को “दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वाभाविक” बताया और परिवार की पीड़ा के प्रति संवेदना जताई। बेंच ने कहा कि ऐसी घटनाएं परिवार और करीबी लोगों को गहरे दर्द में डाल देती हैं, लेकिन कानून के तहत एक तय प्रक्रिया होती है जिसका पालन जरूरी है।
चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि अदालत जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहती और लोगों से CBI पर भरोसा रखने की अपील की। कोर्ट ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने भरोसा दिलाया है कि वह तुरंत संबंधित अधिकारियों से बात कर जांच CBI को सौंपने की प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह किसी भी पक्ष के आरोपों पर अभी कोई राय नहीं दे रही है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसी को सभी पहलुओं की स्वतंत्र रूप से जांच करने दी जानी चाहिए। चूंकि राज्य सरकार पहले ही जांच ट्रांसफर करने का प्रस्ताव दे चुकी है, इसलिए फिलहाल अतिरिक्त निर्देश देने की जरूरत नहीं समझी गई।

कोर्ट ने पीड़ित परिवार और आरोपी पक्ष दोनों को मीडिया में बयानबाजी से बचने की सख्त सलाह दी। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक मंचों और मीडिया पर बयान देने के बजाय दोनों पक्ष अपनी बात जांच एजेंसी के सामने रखें ताकि जांच प्रभावित न हो। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया और आम लोगों से भी मामले को लेकर अटकलें लगाने से बचने को कहा।
सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील Siddharth Luthra ने कहा कि परिवार इस मामले को सनसनीखेज नहीं बनाना चाहता। इस पर कोर्ट ने कहा कि परिवार ने पहले निष्पक्ष जांच को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच ट्रांसफर कर दी।
वहीं राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एक बात साफ है कि एक युवा महिला ने अपनी जान गंवाई है, चाहे वह आत्महत्या हो या कोई आपराधिक घटना। सुनवाई के दौरान उन्होंने भावुक टिप्पणी करते हुए कहा, “माता-पिता के लिए तलाकशुदा बेटी होना, मृत बेटी होने से बेहतर है।”
पति समर्थ ने पुलिस को क्या-क्या बताया?
ट्विशा का पति समर्थ सिंह 7 दिन की पुलिस रिमांड पर है। उसने पूछताछ में बताया कि शादी के बाद दोनों के रिश्ते सामान्य थे। प्रेग्नेंसी की पुष्टि के बाद ट्विशा के व्यवहार में बदलाव आने लगा। वह अक्सर कहती थी कि ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़ी होने के कारण घरेलू जीवन उसके लिए मुश्किल है। इसके कारण दोनों के बीच तनाव बढ़ा।
समर्थ ने बताया कि 12 मई की शाम ट्विशा के ब्यूटी पार्लर से लौटने के बाद दोनों ने साथ में वॉक की। फिर खाना खाया और साथ में समय बिताया। इसके बाद ट्विशा अपने मायकेवालों से फोन पर बात करने लगी।
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