गौशालाओं को अनुदान प्रक्रिया में सरलीकरण की मांग तेज

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-जिला गौशाला संगठन ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कागजी झंझटों से नाराज़ गोसेवक
हनुमानगढ़। श्री गौशाला सेवा समिति हनुमानगढ़ जंक्शन में मंगलवार को जिला स्तरीय गौशाला संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिले की सभी गौशालाओं के अध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष तथा राजस्थान गौ सेवा समिति के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य गौशालाओं को मिलने वाले सरकारी अनुदान की जटिल प्रक्रिया में सरलीकरण की मांग को लेकर रणनीति बनाना रहा। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि वर्तमान में गौ निदेशालय द्वारा लागू की गई अनुदान प्रक्रिया अत्यधिक जटिल एवं समय लेने वाली है। पहले जहाँ केवल इकजाई बिल ऑनलाइन अपलोड करने मात्र से अनुदान प्राप्त हो जाता था, वहीं अब मैन्युअल बिलों की सत्यापित फोटो प्रति संयुक्त निदेशक कार्यालय में पेश करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिससे गौशालाओं के संचालन में भारी कठिनाई आ रही है।
संगठन पदाधिकारियों ने जिला अध्यक्ष बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए यह मांग की कि गौ निदेशालय के आदेशों में पुनः सरलीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अधिकतर गौशालाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं और संचालक प्रायः वृद्ध होते हैं, जो कागजी कार्यवाही के बोझ को संभालने में असमर्थ हैं। इसके साथ ही पशुधन एप पर हर गोवंश की टैगिंग दोबारा करवाने की जो प्रक्रिया शुरू की गई है, वह भी अव्यवहारिक है। गौशालाओं में जंगी सांडों के कारण जान-माल का खतरा बना रहता है, ऐसे में टैगिंग का कार्य अनुभवी पशु चिकित्सकों की देखरेख में ही करवाया जाए।
ज्ञापन में जिला सचिव अजय कुमार गर्ग ने मांग की गई कि केवल सूखा चारा एवं पशु आहार तक ही अनुदान सीमित न रखा जाए, बल्कि स्थाई कर्मचारियों का वेतन, सेंधा नमक, गुड़, दवाइयों जैसे आवश्यक मदों को भी अनुदान योग्य बनाया जाए। साथ ही यदि सरकार समय पर अनुदान नहीं देती है तो उधारी में चारा खरीदने की बाध्यता को समझते हुए ऐसे बिलों को भी मान्यता दी जानी चाहिए।
संगठन ने यह भी सुझाव दिया कि हर वित्तीय वर्ष में ही अनुदान के लिए आवेदन और भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूर्ण की जाए और एक निश्चित कैलेंडर तैयार किया जाए, जिससे समय पर अनुदान मिल सके। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि धरातल पर गौसेवा अत्यंत कठिन कार्य है और निस्वार्थ सेवा करने वाले संत, गौभक्त एवं गौशाला संचालकों के योगदान को देखते हुए सरकार को कागजी प्रक्रिया में अविलंब सरलीकरण करना चाहिए।
इस दौरान जिला अध्यक्ष बजरंग सिंह शेखावत, प्रदेश पदाधिकारी इंद्रचंद हिंसारिया, प्रदेश सचिव बंशीलाल व्यास, जिला उपाध्यक्ष मनोहरलाल बंसल, जिला सचिव अजय कुमार गर्ग सहित विजय गोयल, दयाराम शीलू, श्रवण सहारण, महेंद्र सिंह, जयचंद धनोरिया, जयवीर सरेवा, राजेंद्र गोदारा, सुभाष गोदारा, समुद्र सिंह, रामदेव पूनिया, नरेन्द्र रॉयल, रामकुमार गोदारा सहित सैकड़ों गौभक्त उपस्थित रहे।

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