– केवल एफसीआई से खरीद कराने की मांग, व्यापारी-किसान-मजदूर एकजुट
हनुमानगढ़ । गेहूं खरीद व्यवस्था को लेकर कृषि ऊपज मंडी समिति हनुमानगढ़ टाउन में गुरुवार को कच्चा आढ़तिया व्यापारियों, किसानों एवं मजदूरों ने संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराया। यह विरोध फ़ूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन संस्था हनुमानगढ़ टाउन के अध्यक्ष श्री रामलाल किरोड़ीवाल के नेतृत्व में किया गया। व्यापारियों ने मंडी को पांच ब्लॉक में विभाजित कर प्रत्येक ब्लॉक में अलग-अलग खरीद एजेंसियों को लॉटरी के माध्यम से नियुक्त करने की सरकारी मंशा पर गहरी नाराजगी जताई।
व्यापारियों ने कहा कि प्रशासन द्वारा गत वर्ष रबी सीजन में गेहूं खरीद के लिए की गई उत्तम व्यवस्था को इस वर्ष लागू करने के बजाय चार अन्य खरीद एजेंसियों को मंडी में लाकर अनावश्यक व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है। इससे किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की व्यवस्था से सभी वर्ग संतुष्ट थे, लेकिन इस बार बिना किसी आवश्यकता के व्यवस्था बदलने से अव्यवस्था फैलने की आशंका है।
इस संबंध में माननीय उपखंड अधिकारी हनुमानगढ़ टाउन एवं माननीय सचिव कृषि ऊपज मंडी समिति हनुमानगढ़ टाउन को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि एफसीआई जैसी अनुभवी संस्था द्वारा गेहूं खरीद किए जाने से बारदाना वितरण, तौल, परिवहन एवं भुगतान की प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न होती है। किसान, मजदूर और व्यापारी वर्ग को समय पर भुगतान मिलने से संतोष बना रहता है।
व्यापारियों ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य खरीद एजेंसियों के साथ पूर्व वर्षों में खरीद के अनुभव कड़वे रहे हैं। समय पर भुगतान नहीं होना, अव्यवस्थित कार्यप्रणाली और समन्वय की कमी के कारण किसान और मजदूरों को नुकसान उठाना पड़ा था। इसी कारण व्यापारी, किसान और मजदूर वर्ग अन्य एजेंसियों से दूरी बनाए रखना चाहता है।
एसोसिएशन अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल ने कहा कि मंडी में नियमित, पारदर्शी और व्यवस्थित गेहूं खरीद के लिए केवल एफसीआई को ही नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मंडी को पांच ब्लॉक में बांटने और अलग-अलग एजेंसियों को लाने का निर्णय वापस लिया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार का अवरोध न हो।
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