पंचायत चुनाव या ‘एक राज्य, एक चुनाव’ का ट्रायल? राजस्थान में क्या होने जा रहा है?

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राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 (Panchayat Elections) को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा प्लान जारी किया है। इस बार प्रदेश की ज्यादातर जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के चुनाव एक ही साझा चुनाव कार्यक्रम के तहत कराए जाएंगे। हालांकि, सभी जगह एक ही दिन वोटिंग नहीं होगी। चुनाव कुल चार चरणों में होंगे।

इस पूरी व्यवस्था को राजस्थान में पंचायत चुनावों को एक तय चुनाव चक्र में लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। यानी अलग-अलग समय पर होने वाले पंचायत चुनावों को एक तय कार्यक्रम के तहत कराने की दिशा में यह बड़ा कदम है।

41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें होंगी शामिल
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चुनाव कार्यक्रम में प्रदेश की 41 जिला परिषद, 457 पंचायत समितियां और 14,403 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। हालांकि, बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा की जिला परिषदों और उनसे जुड़ी 30 पंचायत समितियों को इस कार्यक्रम से अलग रखा गया है। इन संस्थाओं का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। इसलिए इनके चुनाव की तारीख बाद में अलग से घोषित की जाएगी।

चार चरणों में होगा पंचायत चुनाव
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के लिए चार चरणों में मतदान का कार्यक्रम निर्धारित किया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए पहले चरण का मतदान 23 अक्टूबर, दूसरे चरण का 29 अक्टूबर, तीसरे चरण का 4 नवंबर और चौथे चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा।

वहीं, ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को कराया जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की मतगणना 20 नवंबर को होगी, जबकि पंच और सरपंच पदों के वोटों की गिनती मतदान के बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर की जाएगी।

किस जिले में कितने चरण में चुनाव?
सभी जिलों में चुनाव एक जैसे चरणों में नहीं होंगे। जैसलमेर, फलोदी और सलूम्बर में एक चरण में मतदान होगा। झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, बीकानेर, जालौर और उदयपुर में तीन चरणों में चुनाव होंगे। जयपुर में चार चरणों में मतदान कराया जाएगा। इसके अलावा बाकी जिलों में चुनाव दो चरणों में होंगे।

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कब से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया?
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के पहले चरण के लिए 8 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 13 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 15 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न दिए जाएंगे। बाकी चरणों के लिए नामांकन की प्रक्रिया अलग-अलग तारीखों पर होगी।

उम्मीदवार कितना पैसा खर्च कर सकेंगे? राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए खर्च की सीमा भी तय कर दी है।

  • जिला परिषद सदस्य: अधिकतम 3 लाख रुपये
  • पंचायत समिति सदस्य: अधिकतम 1.5 लाख रुपये
  • सरपंच: अधिकतम 1 लाख रुपये

उम्मीदवारों को चुनाव परिणाम घोषित होने के 15 दिन के अंदर अपने चुनाव खर्च का पूरा हिसाब संबंधित अधिकारी के पास जमा करना होगा।

क्या है ‘एक राज्य, एक चुनाव’ से कनेक्शन?
राजस्थान में इस बार ज्यादातर पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को एक साझा चुनाव कार्यक्रम में शामिल किया गया है। भले ही मतदान चार अलग-अलग चरणों में होगा, लेकिन जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के चुनाव को एक तय चुनाव चक्र में लाने की कोशिश की गई है।

इसी वजह से राजस्थान के इस पंचायत चुनाव प्लान को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का मतलब देश में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था से है। इसके पीछे बार-बार होने वाले चुनावों को कम करना और चुनावी प्रक्रिया को एक तय चक्र में लाना मुख्य विचार है।

राजस्थान में फिलहाल ऐसा नहीं है कि लोकसभा, विधानसभा और पंचायत चुनाव एक साथ हो रहे हैं। लेकिन पंचायत स्तर पर ज्यादातर चुनावों को एक साझा कार्यक्रम में लाने की कोशिश को इसी दिशा में एक छोटे स्तर का प्रयोग माना जा सकता है।

हालांकि, इसे सीधे तौर पर ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू होना नहीं कहा जा सकता। राजस्थान में भी सभी पंचायत संस्थाओं के चुनाव एक ही दिन नहीं हो रहे हैं और बारां, श्रीगंगानगर, करौली और कोटा की कुछ संस्थाओं को अलग रखा गया है।

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