NEET पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुए Cockroach Janta Party (CJP) आंदोलन ने सिर्फ एक केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे तक ही सरकार को नहीं पहुंचाया, बल्कि सोशल मीडिया पर मुद्दा आधारित नए अभियानों की बाढ़ भी ला दी है। करीब दो महीने पहले शुरू हुई CJP ने व्यंग्य (Satire) और सोशल मीडिया की ताकत के दम पर देशभर के युवाओं को एकजुट किया और यह दिखाया कि अगर मुद्दा मजबूत हो तो इंटरनेट पर शुरू हुआ अभियान भी बड़ा राजनीतिक असर डाल सकता है।
अब CJP की सफलता के बाद सोशल मीडिया पर कई नई “जनता पार्टियां” और अभियान तेजी से उभर रहे हैं। इनमें कुछ केवल व्यंग्य के लिए हैं, जबकि कुछ किसी खास सामाजिक या नीतिगत मुद्दे को लेकर चलाए जा रहे हैं।
Reservation Hatao Andolan सबसे बड़ा ऑनलाइन अभियान
इन नए अभियानों में सबसे ज्यादा चर्चा Reservation Hatao Andolan (RHA) की हो रही है। जैसा कि नाम से साफ है, यह अभियान जाति आधारित आरक्षण और जातीय जनगणना का विरोध करता है। पिछले सप्ताह जब CJP के नेतृत्व में छात्र आंदोलन पूरे देश में सुर्खियों में था, उसी दौरान Reservation Hatao Andolan भी सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय होने लगा।
फिलहाल इस अभियान के Instagram पर 56 लाख (5.6 मिलियन) से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, जो कई बड़े राजनीतिक दलों से भी अधिक हैं। X (पूर्व ट्विटर) पर इसके 17 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। तुलना करें तो BJP के Instagram पर करीब 96 लाख और कांग्रेस के 1.49 करोड़ फॉलोअर्स हैं। वहीं इसी साल CJP ने 2 करोड़ Instagram फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर सभी राजनीतिक दलों को पीछे छोड़ दिया था।
क्या हैं Reservation Hatao Andolan की मांगें?
CJP की सफलता से प्रेरित यह अभियान खुद को नागरिकों द्वारा चलाया गया गैर-राजनीतिक आंदोलन बताता है। इसका कहना है कि उसका उद्देश्य जाति आधारित भेदभाव खत्म करना और सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है। Instagram पर इस अकाउंट की 120 से ज्यादा पोस्ट हैं और यह केवल भारतीय सेना (Indian Army) के आधिकारिक अकाउंट को फॉलो करता है।
इसके बायो में लिखा है— “आरक्षण की राजनीति से उपेक्षित नागरिकों का समर्थन, योग्यता के आधार पर व्यवस्था।” साथ ही राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियां भी लिखी गई हैं, जिनका भावार्थ है— “सम्मान गुण और आत्मसंयम से मिलता है। जाति का शोर केवल कायर और क्रूर लोग मचाते हैं।” दिलचस्प बात यह है कि जाति आधारित आरक्षण का विरोध करने वाला यह अभियान डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रसिद्ध नारे “शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो” (Educate, Agitate, Organise) का भी इस्तेमाल करता है।इसके लोगो पर “Equality, Merit, Justice” यानी समानता, योग्यता और न्याय लिखा है।
कौन चला रहा है यह अभियान?
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि Reservation Hatao Andolan के पीछे कौन है। यह खुद को पूरी तरह Citizen-led Movement यानी नागरिकों का अभियान बताता है और किसी भी राजनीतिक दल से संबंध होने से इनकार करता है। अपनी एक पोस्ट में अभियान ने लिखा है— “हम किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं। हमें कभी लगा था कि सरकार बदलने से आरक्षण व्यवस्था में बड़े सुधार होंगे, लेकिन भाजपा भी ऐसा नहीं कर सकी।”
आरक्षण को लेकर क्या है इस आंदोलन का प्रस्ताव? Reservation Hatao Andolan का कहना है कि आरक्षण केवल चार वर्गों को मिलना चाहिए—
- दिव्यांग (विशेष रूप से सक्षम) लोगों को।
- सभी अनाथ बच्चों को।
- देश के लिए शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को।
- आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को, चाहे उनका धर्म या जाति कोई भी हो।
फिलहाल देश में आरक्षण की अधिकतम सीमा 50% है, हालांकि कई राजनीतिक दल इसे बढ़ाने की मांग करते रहे हैं।
‘One Nation, One Identity’ की मांग
अभियान का कहना है कि सरकार को लोगों की पहचान जाति के आधार पर करना बंद करना चाहिए। एक वीडियो में अभियान के प्रतिनिधि कहते हैं— “किसी की पहचान ब्राह्मण, जाट, गुर्जर, SC या ST के रूप में नहीं होनी चाहिए।” अभियान की एक प्रमुख मांग यह भी है कि सरकारी फॉर्म, नौकरी और शिक्षा से जुड़े आवेदन में लोगों से उनकी जाति पूछना बंद किया जाए। इसका दीर्घकालिक लक्ष्य “One Nation, One Identity” यानी “एक देश, एक पहचान” है। एक पोस्ट में कहा गया है— “हमारा निष्कर्ष साफ है कि इस मुद्दे को सिर्फ पार्टी राजनीति तक सीमित नहीं रखा जा सकता।”
अन्य अभियान भी हो रहे हैं लोकप्रिय
Reservation Hatao Andolan से प्रेरित होकर कई अन्य अभियान भी सामने आए हैं। इनमें General Janta Party और Anti-Reservation Janta Party शामिल हैं। वहीं कुछ अभियान ऐसे भी हैं जो मानते हैं कि समस्या आरक्षण नहीं बल्कि जातिवाद है। ऐसे ही एक अभियान Casteism Hatao Movement के Instagram पर 2 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।
इसके बायो में लिखा है— “जब तक जातिवाद रहेगा, तब तक आरक्षण रहेगा। इसलिए हमारी जिम्मेदारी जातिवाद खत्म करना है। न्याय वहीं से शुरू होता है, जहां जाति खत्म होती है।”
E20 Janta Party भी तेजी से बढ़ रही
पेपर लीक के बाद हाल के दिनों में E20 पेट्रोल का मुद्दा भी काफी चर्चा में रहा है। कई वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल से माइलेज कम होने और गाड़ियों की मेंटेनेंस लागत बढ़ने का दावा किया है। इसी मुद्दे को लेकर E20 Janta Party नाम का अभियान भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसके Instagram पर करीब 2.8 लाख फॉलोअर्स हो चुके हैं।
इस अभियान की मांग है कि सरकार E20 पेट्रोल के साथ-साथ 100% शुद्ध पेट्रोल (E0) खरीदने का विकल्प भी उपलब्ध कराए। हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि जो लोग शुद्ध पेट्रोल इस्तेमाल करना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए अधिक कीमत चुकानी होगी।
क्या CJP जैसी सफलता दोहरा पाएंगे ये अभियान?
Cockroach Janta Party ने सिर्फ Gen Z ही नहीं, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों को अपने साथ जोड़ लिया था। इसकी वजह थी कि उसने शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और छात्रों के गुस्से को आवाज दी। इसलिए उसका संदेश सोशल मीडिया से निकलकर सड़कों तक पहुंच गया।
अब सवाल यह है कि Reservation Hatao Andolan, E20 Janta Party और दूसरे मुद्दा आधारित ऑनलाइन अभियान भी क्या CJP की तरह बड़ा जन आंदोलन बन पाएंगे, या फिर सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित रह जाएंगे? इसका जवाब आने वाला वक्त ही देगा।
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