श्रीकृष्ण की लीलाओं के साथ हुआ श्रीमद्भागवत कथा का भव्य समापन

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-सात दिवसीय कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, भजनों पर झूमे भक्त, गौसेवा का दिया संदेश
हनुमानगढ़। श्री गौशाला सेवा समिति, अबोहर रोड, हनुमानगढ़ जंक्शन की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। कथा के अंतिम दिन भी गौशाला परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित कथा में बाल संत हरिदास महाराज, ऋषिकेश वालों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति के महत्व और मानव जीवन में धर्म एवं सदाचार की उपयोगिता का वर्णन किया। कथा समापन के अवसर पर पूरा गौशाला परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा।
बाल संत हरिदास महाराज ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक माध्यम है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं में प्रेम, करुणा, त्याग, सेवा और कर्तव्य का संदेश निहित है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां आने पर भी व्यक्ति को धर्म और सत्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए।
महाराज ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, ग्वाल-बालों के साथ उनकी क्रीड़ाओं, माता यशोदा के साथ वात्सल्यपूर्ण प्रसंगों तथा ब्रजवासियों की भगवान के प्रति अटूट श्रद्धा का वर्णन किया। कथा के प्रसंगों के दौरान श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। भजनों की प्रस्तुति के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और भक्तिभाव में झूमते हुए नजर आए।

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