संभाग की सबसे बड़ी रामलीला में बालाजी महाराज को लगे 17 सवामणी के भोग

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श्रद्धालुओं ने दक्षिणमुखी बालाजी की झांकी के दर्शन कर मांगी मनोतियां
हनुमानगढ़। टाउन स्थित नगर परिषद रामलीला रंगमंच पर श्रीरामलीला समिति द्वारा आयोजित संभाग की सबसे बड़ी रामलीला के आठवें दिन का आयोजन भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस दिन की आरती श्री सनातन धर्म महावीर दल न्यास के सदस्यों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। कार्यक्रम में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने इच्छापूर्ण दक्षिणमुखी बालाजी महाराज की संजीवन झांकी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। झांकी के पश्चात रामलीला मंच पर भगवान श्रीराम द्वारा सीता की खोज करते हुए ऋषिमुख पर्वत पर पहुंचने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। इस दौरान हनुमान-राम मिलाप एवं राम-सुग्रीव मित्रता का मंचन पुराने अनुभवी कलाकारों ने बेहद सुंदर ढंग से किया। पूरे मैदान में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। दक्षिणमुखी बालाजी महाराज की विशेष मान्यता है कि यहां मनौती मांगने वाले भक्तों की इच्छा अवश्य पूर्ण होती है। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु बालाजी को सवामणी का भोग एवं वस्त्र (बाना) चढ़ाते हैं। बीती रात कुल 17 सवामणी के भोग अर्पित किए गए। इनमें केले, सेव, चूरमा, पान व विभिन्न मिठाइयों की सवामणी शामिल रही। बाद में यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। विशेष बात यह है कि बालाजी के बाने (ड्रेस) की बुकिंग वर्ष 2036 तक पूर्ण हो चुकी है, जो भक्तों की गहरी आस्था को दर्शाती है। रामलीला समिति के सचिव दिनेश तलवाड़िया ने बताया कि दक्षिणमुखी बालाजी की झांकी के दिन देशभर से श्रद्धालु आते हैं।

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