हनुमानगढ़। पिछले दो माह से अधिक समय से किसान राजधानी को धेरकर सड़कों पर बैठे है परन्तु केन्द्र की सरकार किसानों के हितों से मुख मोड़ चुकी है। सरकार को किसानों के हितों के प्रति जगाने के लिये प्रदेश के आह्वान पर हनुमानगढ़ जंक्शन रिलाइंस स्र्माट के समक्ष चल रहे धरने पर किसानों ने शनिवार को सत्याग्रह कर विरोध दर्ज करवाया। शनिवार को रिलाइंस स्र्माट के समक्ष आयोजित सत्याग्रह में युवा, बुजुर्गो सहित सैकड़ों किसानों ने सत्याग्रह में भाग लिया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जब किसानों की एकता को नही तोड़ा गया तो 26 जनवरी को ऐतिहास रचने वाली ट्रैक्टर पेरड़ में उपद्रवियों द्वारा हिंसा करवाकर किसानों को कमजोर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होने बताया कि पूरे देश का प्रत्येक व्यक्ति किसानों व किसानी से जुड़ा हुआ है। उन्होने कहा कि किसान जब बंजर जमीन से फसल उगाना और फसल काटना जानता है तो सरकार को मजबूर करना भी जानता है। उन्होने कहा कि चाहे केन्द्र की मोदी सरकार कितनी भी साजिश रच ले किसान अपनी मांगों से डगमगाने वाले नही है और आन्दोलन को और मजबूत करने की कड़ी में आज सत्यग्रह कर आन्दोलन कर रहा है और अब पुनः दिल्ली कूंच की तैयारी करेगा और तीनों काले कानूनों को वापिस लेने के लिये सरकार को मजबूर करेगा। इस मौके पर अपारजोत बराड़, सद्दाम हुसैन, जस्सू जैलदार, हैवन खोसा, शैरी दंदीवाल, अंकित भादू, दुष्यंत झुरिया, जावेद खां, करणजोत मान, अर्शदीप टोकन, शिवराज सिंह बराड़, असकर अली, दलीप कस्वां, सिद्धार्थ कस्वां, विष्णु शर्मा, मनदीप मान, रोमा बराड़, कुवंर सिद्धु, अभिजीत सोनी, इकबाल चन्नी, विरनदीप बराड़, सतवीर सिंह भुल्लर, शेरी दंदीवाल, महेंद्र सिंह बराड़, इन्द्रजीत पनीवाला,महेंगा सिंह, जालंधर सिंह, चेयरमैन रंजीत बराड़ व अन्य किसान पुत्र मौजूद थे।
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