कॉकरोच जनता पार्टी (Jantar Mantar protest) के दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद फाउंडर अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रोकने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर बुलाए गए पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे थे। इसे पहले देर रात से खबर थी कि कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों को देर रात से हिरासत में लेना शुरु कर दिया था।
सुबह होते-होते कई चर्चित नाम जैसे यूट्यूबर ध्रुव राठी समेत 600 अन्य समर्थकों को भी राजधानी के अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लिया गया। CJP ने अपनी लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह का एक वीडियो शेयर किया है। इसमें रत्ना वीडियो कॉल पर बातचीत में कहती हैं- सुबह मेरे घर पुलिस आई थी। पुलिसवालों ने कहा कि ऊपर से आदेश आया है। वे मुझे घर पर ही रहने के लिए कह रहे हैं, लेकिन मैं कार से नहीं उतरी हूं। उन्होंने मेरी कार को घेर रखा है। कार में हम सिर्फ तीन लड़कियां हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। वाहनों को रोकने के लिए सड़कों पर कीलें लगाई गई हैं।
🚨 ABHIJEET DIPKE, SAURAV DAS AND ASHUTOSH RANKA DETAINED FROM INSIDE THEIR FLIGHT 🚨
Shame on you @narendramodi @AmitShah https://t.co/hXl6bzh53i
— Cockroach Janta Party – CJP (@Cockroachisback) October 10, 2026
चुनाव आयोग की सुरक्षा बढ़ाई
चुनाव आयोग के मुख्यालय और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अशोक रोड पर बस खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया गया है। यहां बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांगें
1. वोटर लिस्ट पर मांग: आने वाले सभी चुनावों को रोका जाए और जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट वापस लाई जाए।
2. मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति: मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए 2023 के कानून को हटाकर नया कानून बनाया जाए।
3. मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
4. SIR प्रक्रिया पर मांग: SIR प्रक्रिया को बंद कर इसकी जांच के लिए कमेटी बनाई जाए।
क्यों शुरु हुआ चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध
यह पूरा विवाद द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर को आई रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। इसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि कुछ फैसले उनकी जानकारी के बिना लिए गए।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। संधू और जोशी का आरोप है कि आयोग के कई फैसले और आदेश उनकी जानकारी के बिना लिए और जारी किए गए। उन्होंने कुछ कदमों को ‘अनधिकृत और गैरकानूनी’ बताया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सभी आपत्तियों की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को दी गई थी। चार महीने बाद 9 सितंबर को तीनों चुनाव आयुक्तों की पूरी बैठक हुई। हालांकि, इसमें किस मुद्दे पर चर्चा हुई, इसकी रिपोर्ट सामने नहीं आई।
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