दीपावली का वास्तविक उत्सव मन की स्वच्छता और श्रेष्ठ संस्कारों से ही संभव : ब्रह्माकुमारी खुशबू

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हनुमानगढ़। दीपावली केवल बाहरी रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि अंतर्मन को ज्ञान, शांति और सद्भावना से प्रकाशित करने का अवसर है। इसी आध्यात्मिक भावना के साथ भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित सावित्रीबाई फुले विद्यालय स्तरीय छात्रावास में ‘आओ मनाएं आनंदोत्सव – दीपावली’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित ब्रह्माकुमारी पाठशाला द्वारा आयोजित किया गया।

इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी खुशबू बहन ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि दीपावली हमें अपने जीवन में नई उमंग, उत्साह और श्रेष्ठ संकल्पों का प्रकाश भरने की प्रेरणा देती है। सच्चा आनंदोत्सव तभी है, जब हम बीती हुई बातों, मन की कमजोरियों, नकारात्मक विचारों और व्यर्थ चिंताओं को त्यागकर अपने भीतर आत्म-ज्योति जगाएं। जिस प्रकार एक दीपक दूसरे दीपक को प्रज्वलित करता है, उसी प्रकार हमारे जीवन के श्रेष्ठ विचार और सकारात्मक संस्कार दूसरों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश फैला सकते हैं।

उन्होंने कहा कि दीपावली का आध्यात्मिक रहस्य हर आत्मा के प्रति शुभभावना और शुभकामना रखना, आपसी प्रेम एवं सद्भाव बढ़ाना तथा अपने व्यवहार से दूसरों को भी आनंदित करना है। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को शांत, एकाग्र और शक्तिशाली बनाकर जीवन में वास्तविक सुख एवं आनंद का अनुभव किया जा सकता है। इसलिए दीपावली पर केवल घरों को ही नहीं, बल्कि अपने मन और जीवन को भी ज्ञान एवं गुणों के प्रकाश से प्रकाशित करने का संकल्प लेना चाहिए।

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