नगर परिषद रंगमंच पर गूंजे जय श्रीराम के जयकारे, ‘नारद मोह’ व कैलाश विजय प्रसंग का हुआ मंचन

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सभापति मंजू रणवां ने किया श्रीरामलीला का उद्घाटन, 66 वर्षों की परंपरा इस बार भी जारी
हनुमानगढ़। टाउन के नगर परिषद रंगमंच पर मंगलवार रात श्रीरामलीला समिति की ओर से आयोजित श्रीरामलीला का भव्य शुभारम्भ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर परिषद सभापति मंजू रणवां रहीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में पार्षद सुलिन ढाका, भूपेन्द्र नेहरा, नवीन बाकोलिया तथा पूर्व पार्षद बाबू पारीक मौजूद रहे। अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रीरामलीला का उद्घाटन किया। पूजा पंडित ने विधि-विधान से संपन्न करवाई। इसके बाद फीता काटकर तथा मां सरस्वती की आरती के साथ रामलीला मंचन की शुरुआत की गई।सभापति मंजू रणवां ने कहा कि श्रीरामलीला भारतीय संस्कृति, संस्कारों और परंपराओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने में रामलीला की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने समिति को आयोजन में हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के बाद समिति संरक्षक बालकिशन गौल्याण, सचिव दिनेश तलवाड़िया, डायरेक्टर प्रेमरत्न पारीक, उप-डायरेक्टर बहादुर चौहान व अशोक मिड्ढा, स्टेज प्रभारी सुन्दर बंसल व सुरेंद्र तलवाड़िया, सज्जन बंसल डीगवाला, सतीश गर्ग, पवन खदरीया, चांदरतन खदरीया और बालकिशन खदरीया ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। समिति सचिव दिनेश तलवाड़िया ने बताया कि हनुमानगढ़ की श्रीरामलीला बीकानेर संभाग की प्रमुख और विख्यात रामलीलाओं में शामिल है। इसकी परंपरा पिछले 66 वर्षों से निरंतर जारी है। इसकी स्थापना स्व. लिच्छी राम तलवाड़िया ने की थी, जो आज विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि रामलीला में सभी पात्र मर्यादा और श्रद्धा के साथ अपने किरदारों का मंचन करते हैं।शुभारम्भ अवसर पर मां सरस्वती की आकर्षक झांकी सजाई गई और आरती की गई। इसके बाद ‘नारद मोह’ तथा ‘कैलाश विजय’ प्रसंगों का मंचन हुआ, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। समिति के अनुसार प्रतिदिन रात 8.15 बजे से श्रीरामलीला का मंचन होगा। मंच संचालन की जिम्मेदारी मंच सचिव प्रहलाद गुप्ता संभाल रहे हैं।

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