70 वर्ष पुराने रास्ते पर अतिक्रमण हटाने की मांग, ग्रामीणों ने शिविर में उठाया मुद्दा

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हनुमानगढ़। गांव अमरपुरा थेड़ी में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान ग्रामीणों ने 7 एचएमएच में वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर तहसीलदार हरीश सारण को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि करीब 70 वर्षों से उपयोग में आ रहा रास्ता बंद होने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि रास्ते पर अतिक्रमण होने से अब मात्र 2 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए करीब 16 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे किसानों, विद्यार्थियों, आमजन और आपातकालीन सेवाओं को भी कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि संबंधित रास्ते के साथ सिंचाई विभाग (डब्ल्यूआरडी) का करीब साढ़े 16 फीट चौड़ा स्वीकृत खाला भी है, जिस पर अतिक्रमण कर उसे बंद कर दिया गया है।
ग्रामीणों ने शिविर में नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान ही नहीं हो रहा है तो ऐसे ग्रामीण सेवा शिविरों का आम लोगों को कोई वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा। उनका कहना था कि वे लंबे समय से प्रशासन के समक्ष इस समस्या को उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की कि सार्वजनिक रास्ते और सिंचाई खाले को शीघ्र अतिक्रमण मुक्त कराया जाए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार हरीश सारण ने मौके पर ही डब्ल्यूआरडी अधिकारियों को तत्काल स्थल निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दो दिन के भीतर खाले की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस जाप्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा।
रास्ते के संबंध में तहसीलदार ने ग्रामीणों को बताया कि यह मामला वर्तमान में एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के निर्णय के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन निष्पक्ष और कानून के अनुसार आवश्यक कदम उठाएगा।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस बार ठोस कार्रवाई करेगा, ताकि 70 वर्ष पुराने सार्वजनिक रास्ते को बहाल किया जा सके और लोगों को 2 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 16 किलोमीटर का चक्कर लगाने की मजबूरी से राहत मिल सके।

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