Gen-Z और कॉकरोच के आगे झुकी सरकार, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

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कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के 36वें दिन आखिरकार सरकार युवाओं के आगे झुक गए। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा- वे कहते थे, इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।

प्रधान ने इस्तीफे को लेकर सोशल मीडिया पर चिट्ठी पोस्ट की। दो पेज और 575 शब्दों में लिखी इस चिट्ठी में प्रधान ने बाकी बातों के साथ दो जगह युवाओं को भ्रमित करने की बात भी लिखी।

 

मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री को भेज दिया है: धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं।”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।”

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा। आपका, धर्मेंद्र प्रधान”

बता दें कि हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर निशाना साधा था और कहा था कि राहुल गांधी छात्रों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। दरअसल राहुल गांधी भी लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे।