हनुमानगढ़। अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों के निर्माण पर मिलने वाली 3 लाख रुपए की अनुदान राशि का भुगतान दो साल बाद भी नहीं होने से किसानों में भारी आक्रोश है। मंगलवार से किसानों ने नगर परिषद क्षेत्र में पर्चे बांटना शुरू कर दिया है, जिसमें शहरवासियों से आगामी 11 सितंबर को होने वाले नगर परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को वोट नहीं देने की अपील की जा रही है।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने आरोप लगाया कि अटल भूजल योजना के तहत किसानों को डिग्गियों के निर्माण पर तीन लाख रुपए की सब्सिडी मिलनी थी। वर्ष 2024-25 में प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद सरकार ने किसानों पर निर्माण पूरा करने का दबाव बनाया।
कई किसानों ने फरवरी-मार्च 2025 में डिग्गियों का निर्माण करवाया, लेकिन लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी अनुदान राशि उनके खातों में नहीं पहुंची है। माणुका के अनुसार, कई किसानों ने डिग्गियों के निर्माण के लिए तीन-तीन लाख रुपए ब्याज पर उधार लिए या अपनी जमीन गिरवी रखी।
कुछ किसानों ने तो निर्माण के लिए अपनी तैयार फसल तक नष्ट कर दी। उन्हें उम्मीद थी कि निर्माण पूरा होने के 15-20 दिन के भीतर सब्सिडी का भुगतान हो जाएगा, लेकिन यह आश्वासन पूरा नहीं हुआ।
किसान नेता रायसाहब चाहर मल्लड़खेड़ा ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर प्रभारी मंत्री, किसान आयोग के अध्यक्ष और स्थानीय प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे गए। धरना-प्रदर्शन भी किए गए। हर बार 15-20 दिन या एक महीने में भुगतान का आश्वासन मिला, लेकिन किसानों का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
अब किसानों ने वोट की चोट के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का फैसला किया है। माणुका ने कहा कि लोकतंत्र में वोट सबसे प्रभावी हथियार है और किसानों की अनदेखी का जवाब चुनाव में दिया जाना चाहिए।
माणुका ने हाल में हुए ट्रैक्टर मार्च के बाद 11 किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे का भी विरोध किया। उन्होंने इसे झूठा मुकदमा बताते हुए कहा कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है, जबकि प्रशासन को एक रुपए का भी नुकसान नहीं हुआ। इस मौके पर बलवीर सिंह बराड़, काका सिंह रोड़ीकपूरा, सुभाष मक्कासर, राजवीर सिंह, जाकिर हुसैन सहित अन्य किसान मौजूद थे।
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