पंडित रामचंद्र शास्त्री स्मृति जनमंगल प्रन्यास के द्वारा श्री राम पंचायती मंदिर संगरिया के मुख्य मार्ग पर द्वार का लोकार्पण

31

हनुमानगढ़।  धर्मनगरी संगरिया में शनिवार को श्री राम पंचायती मंदिर व संस्कृत विद्यालय के संस्थापक परम पूज्य महामहिम उपाध्याय पंडित रामचंद्र शास्त्री की पावन स्मृति में प्रन्यास के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर वेद प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में शास्त्री परिवार संगरिया द्वारा विनिर्मित पंडित रामचंद्र शास्त्री स्मृति द्वार का लोकार्पण पंडित दयानंद जी शास्त्री के सान्निध्य में वैदिक मत्रों के साथ किया इस अवसर पर शहर के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे शांति पाठ व मंगलाचरण के बाद शास्त्री परिवार सहित प्रोफेसर वेद प्रकाश शर्मा ,पंडित दयानंद जी शास्त्री , एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा श्री कृष्ण कुमार शर्मा श्री सुभाष चंद्र शर्मा श्री राजेंद्र कुमार शर्मा सहित शास्त्री परिवार,श्री सुखवीर सिंह सिद्धू पूर्व अध्यक्ष, नगर पालिका ,श्री जगदीश जीनगर अध्यक्ष मंदिर संचालन समिति ,श्री रामेश्वर लाल सारस्वत शास्त्री सदस्य नगर पालिका ,व डॉक्टर शिवकुमार शर्मा हनुमानगढ़ ने फीता काटकर विधिवत स्मृति द्वार का लोकार्पण किया। स्मृति द्वार  लोकार्पण के बाद श्री राम पंचायती मंदिर के प्रांगण में एक सभा का आयोजन हुआ सर्वप्रथम अतिथियों ने पंडित रामचंद्र जी शास्त्री व माताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की इस कार्यक्रम के अध्यक्ष पंडित दयानंद शास्त्री सहित पंडित रामेश्वर लाल सारस्वत पूर्व पार्षद नगर पालिका श्री जगदीश जीनगर अध्यक्ष मंदिर संचालन समिति व अखिल भारतीय प्राकृतिक चिकित्सा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ शिवकुमार शर्मा हनुमानगढ़ मंचासीन हुए सर्वप्रथम पंडित रामचंद्र शास्त्री स्मृति जनमंगल  प्रन्यास के अध्यक्ष डॉक्टर प्रोफेसर वेद प्रकाश शर्मा ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया इस मौके पर पूरा शास्त्री परिवार बहन बेटियों सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सर्वप्रथम पंडित रामचंद्र शास्त्री के सुपुत्र प्रोफेसर वेद प्रकाश शर्मा ने अपनी बात रखते हुए पिता श्री के जन्म अध्ययन अध्यापन की सेवाओं की विस्तृत चर्चा की उन्होंने बताया कि शास्त्री जी ने संगरिया को अपने कर्मभूमि बनाया और यहां 1925 में श्रीराम पंचायती मंदिर की स्थापना हुई। यहां उन्होंने संस्कृत शिक्षा अध्यापन वेदिक ज्ञान वैश्णव संस्कृति संस्कार निर्माण का अद्भुत कार्य किया। इस मंदिर में तत्कालीन बीकानेर स्टेट के महाराजाधिराज महाराजा गंगा सिंह जी 1934 में व उसके बाद में महाराजा सार्दुल सिंह जी ने इस मंदिर में पधारे ।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।