अस्पताल से सोनम वांगचुक का बड़ा संदेश, संसद मार्च में शामिल होने की अपील

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शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने अस्पताल में भर्ती किए जाने को “गैरकानूनी हिरासत” बताया है। अस्पताल ले जाए जाने के बाद समर्थकों के नाम जारी यह उनका पहला संदेश है।

वांगचुक ने अपने समर्थकों से 20 जुलाई को संसद मार्च को सफल बनाने की अपील करते हुए इसे “भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन” बताया। उन्होंने कहा कि देश को डर और अन्याय से आज़ादी की जरूरत है। उनका यह संदेश उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो के जरिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया गया।

फुल प्लानिंग के साथ कैसे उठाया धरना स्थल से वागंचुक को?
दिल्ली पुलिस के आयुक्त अनुराग कुमार के पद संभालने के 24 घंटे में वांगचुक को धरना स्थल से उठवाकर अस्पताल पहुंचा दिया गया। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार रात 1:30 बजे इसके निर्देश मिले। फिर नई दिल्ली जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर मार्ग थाने में रणनीति बनाई।

एक मिनट में बिना टकराव के वांगचुक को कैसे एम्बुलेंस तक ले जाएं, इसकी रिहर्सल की। जैमर लगाने पर भी चर्चा हुई, ताकि कार्रवाई के वीडियो न फैलें। सुबह 5 बजे अधिकारी जंतर-मंतर पहुंचें। वहां अंतिम ब्रीफिंग दी। फिर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी सफेद चादरें लेकर मंच पर चढ़ गए। कार्रवाई की वीडियोग्राफी से बचने के लिए चादरों का इस्तेमाल किया गया।

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CJP को संसद तक मार्च को अनुमति नहीं मिली
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस CJP को संसद तक मार्च को अनुमति नहीं दी जाएगी क्योंकि इससे राजधानी के सबसे संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, संसद की तरफ बढ़ने वाली कोई भी बड़ी भीड़ सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है और लुटियंस दिल्ली (सेंट्रल दिल्ली) में ट्रैफिक को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, तो उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है।

पत्नी गीतांजलि पहुंची कोर्ट
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक की पत्नी ने उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में शिफ्ट करने की मांग की है। पत्नी गीतांजलि आंगमो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। आंगमो का कहना है कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल पर भरोसा नहीं है। यह एक गैरकानूनी डिटेंशन जैसा बन गया है।

क्या है पूरा मामला?
सोनम वांगचुक ने 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। उनकी मांग है कि NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक मामले की जवाबदेही तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। इसके साथ ही परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और न्यायिक जांच की भी मांग की जा रही है।

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