राजस्थान पेंशनर समाज ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, दवा व उपचार व्यवस्था बहाल करने की मांग

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हनुमानगढ़ । राजस्थान सरकार की आरजीएचएस योजना के अंतर्गत पेंशनर्स को निशुल्क उपचार एवं दवाई उपलब्ध नहीं होने से परेशान पेंशनर्स ने बुधवार को अपना आक्रोश व्यक्त किया। राजस्थान पेंशनर समाज ने जिलाध्यक्ष अशोक कुमार खत्री के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर आरजीएचएस व्यवस्था को तत्काल सुचारू करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि पिछले लगभग एक वर्ष से प्रदेशभर के पेंशनर्स को अनुमोदित अस्पतालों एवं फार्मा स्टोर्स से आरजीएचएस योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से 14 अप्रैल 2026 से स्थिति और गंभीर हो गई है, जब से सूचीबद्ध अस्पतालों ने आरजीएचएस के तहत उपचार देना बंद कर दिया तथा फार्मा स्टोर्स द्वारा भी निशुल्क दवाइयां उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं।
राजस्थान पेंशनर समाज के जिलाध्यक्ष अशोक खत्री ने कहा कि इस समस्या को लेकर पिछले तीन माह में कई बार चिकित्सा विभाग तथा आरजीएचएस अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। संगठन द्वारा मुख्यमंत्री एवं संबंधित अधिकारियों को भी पत्रों और व्यक्तिगत संपर्क के माध्यम से पूरी स्थिति से अवगत कराया जा चुका है, बावजूद इसके पेंशनर्स को राहत नहीं मिल पाई।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि अधिकांश पेंशनर्स वृद्धावस्था में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और नियमित उपचार व दवाइयों पर निर्भर हैं। ऐसे में चिकित्सा सुविधा बाधित होने से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि चिकित्सा सुविधा के अभाव में किसी पेंशनर के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
पेंशनर समाज ने बताया कि 6 मई 2026 को मुख्य सचिव राजस्थान को नोटिस देकर स्पष्ट किया गया था कि यदि 11 मई तक व्यवस्था सुचारू नहीं हुई तो पेंशनर्स को आंदोलनात्मक कदम उठाने पड़ेंगे। इसके बावजूद आज तक हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। प्रदेशभर में पेंशनर्स को न तो अस्पतालों में उपचार मिल रहा है और न ही दवाइयां उपलब्ध हो पा रही हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है।

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