अफवाह, फेक न्यूज़, झूठी खबरें। साल 2018 में क्या, हर साल दर साल आपको पढ़ने को मिलेगी। इसकी सबसे बड़ी वजह है सोशल मीडिया का विस्तार और नकारात्मक लोगों का समाज में वास। जब तक ये दोनों चीजें होती रहेगी तब तक फेक न्यूज को रोकना काफी मुश्किल है।
लेकिन आप समझदार है तो एकबार कोई भी वीडियो, तस्वीर या न्यूज शेयर करने से पहले एकबार जरूर सोचिएगा। ज्ञान की बाते अब खत्म हुईं चलिए आपको बताते हैं इस साल कौन-कौन सी खबर ने हमें चौंकाया लेकिन बाद में वह खबर फेक निकली।
फेक न्यूज-1
सोशल मीडिया पर ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ की एक ऐसी तस्वीर वायरल की गयी , जिसमें एक गरीब औरत अपने दो बच्चों को जमीन पर बिठाकर खाना खिला रही हैं। पीछे बैकग्राउंड में ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ दिख रहा है। इस तस्वीर को तेजी से वायरल किया जा रहा है। अब्दुल एच खान नाम का एक फेसबुक यूजर इस फोटो को शेयर करते हुए लिखता है- यह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत की फोटो है। हमने पड़ताल की तो हमें पता लगा कि ये फोटो फेक है। इसके अलावा एक पोस्ट ये भी वायरल हुई कि स्टैच्यू में दरार आ गई है। लेकिन बाद में मालूम चला की ये भी फेक खबर है।
फेक न्यूज-2
फीफा प्रेजिडेंट जियानी इन्फान्टिनो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक जर्सी दी, जिसपर लिखा है ‘मोदी 420’। ये खबर भी बिल्कुल गलत है। जाहिर है इस फोटो को फोटोशॉप किया गया है। जो वास्तविक जर्सी पीएम मोदी को दी गई उसपर लिखा था, ‘मोदी जी20’।
फेक न्यूज-3
सऊदी अरब और कुंभ मेला? ये तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई जिसमें कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार कुंभ मेले की तैयारियां कर रही है। तस्वीर में कहा गया है कि ये टैंट सऊदी अरब के मीना वैली में लगाए गए हैं। आपको क्या लगता है कि ये वाकई सऊदी अरब है?
फेक न्यूज-4
पैरासीटामौल की टेबलेट न लें, इसके अंदर ‘माचुपो’ नाम का वायरस है। डरें नहीं, ये खबर गलत है। ये वायरस संक्रमित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। यह केवल उत्तरी अमेरिका में ही पाया गया है। अभी तक भारत में इसका एक भी मामला सामने नहीं आया है।
फेक न्यूज-5
राफेल विमान पर मोदी सरकार और राहुल गांधी के बीच जंग जारी है। इसी दौर में कई तरह के बयान वॉट्सऐप से फॉरवर्ड किए गए। हाल ही में एक फोटो वायरल हो रहा है जहाँ डसॉल्ट एविएशन के सीईओ एरिक ट्रैपियर के फोटो के साथ कैप्शन दिया गया जिसमें ये बताया गया , “कांग्रेस ने हमसे राफेल डील में 50 % कमीशन की मांग की थी, हमने मना कर दिया तो उन्होंने डील फाइनल नहीं की।” विश्वास टीम की जांच में ये बयान गलत साबित हुआ है। डसॉल्ट के सीईओ ने कभी ऐसा बयान नहीं दिया।
फेक न्यूज-6
सोशल मीडिया पर इस समय एक तस्वीर वायरल है। जिसमें एक तरफ अयोध्या और दूसरी तरफ भगवान राम की तस्वीर है। इसपर वोटिंग चल रही है कि अयोध्या में क्या बनना चाहिए। इस खबर में ये भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला लोगों पर छोड़ दिया है। तस्वीर के साथ शेयर किए जा रहे मैसेज में कहा गया है, “बाबरी मस्जिद को अधिक वोट मिले हैं तो कृपया सभी हिंदू अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए वोट करें।” ये खबर भी गलत है। इसके जाल में फंसने से बचें।
फेक न्यूज-7
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को लेकर भी एक फेक न्यूज सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई। इस खबर को व्हाट्सएप पर भी खूब शेयर किया गया। इसमें कहा गया कि गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने बीमार होते हुए भी ये सब लिखा है। इस खबर पर संज्ञान लेते हुए सीएमओ गोवा के औपचारिक ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया कि इस तरह के मैसेज विश्वसनीय नहीं हैं।
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