हनुमानगढ़ टाउन के निकट स्थित गांव श्रीनगर में रविवार को गुरुद्वारा सिंह सभा श्रीनगर के तत्वावधान में भव्य और ऐतिहासिक महान नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। यह पावन नगर कीर्तन सिख इतिहास की महान विभूतियों श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी, भाई मती दास जी, भाई सती दास जी एवं भाई दियाला जी की 350वीं शहीदी शताब्दी तथा श्री गुरु गोविंद सिंह साहिब जी के 350वें सालाना गुरुता गद्दी दिवस को समर्पित रहा। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। गुरुद्वारा सिंह सभा श्रीनगर हनुमानगढ़ के मुख सेवादार बाबा मंगल सिंह ने बताया कि प्रकाश उत्सव के उपलक्ष में गुरुद्वारा साहिब में सहज पाठ रखे गए हैं, जिनका भोग सोमवार 15 दिसंबर को डाला जाएगा। इससे पूर्व रविवार को गुरुद्वारा साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के समक्ष अरदास की गई, जिसमें क्षेत्र की सुख-शांति, अमन-चैन और आपसी भाईचारे की कामना की गई। अरदास के उपरांत महान नगर कीर्तन का शुभारंभ किया गया। जत्थेदार गुरमेल सिंह वजीदपुरिया ने जानकारी दी कि नगर कीर्तन की अगुवाई पांच प्यारों की हजूरी में की गई।
गुरबाणी कीर्तन, शबद-कीर्तन और गतका प्रदर्शन के साथ यह नगर कीर्तन गुरुद्वारा सिंह सभा श्रीनगर से प्रारंभ होकर वजीदपुरियों की ढाणी, बावरियों वाली ढाणी, तीन एसएनएम, लाटा वाला भट्टा, थेहड़ी, जत्थेदार हरबंस सिंह रोडीकपुरा की ढाणी, रामसरा, 20 एसएसडब्ल्यू, 22 एसएसडब्ल्यू, 24 एसएसडब्ल्यू, 30 एसएसडब्ल्यू, 32 एसएसडब्ल्यू, फतेहगढ़ श्यामसिंह वाला, गोदाराबास, पुरुषोत्तम बास, सरदार हजूर सिंह संधू की ढाणी और गंगागढ़ होते हुए पुनः श्रीनगर पहुंचा। पूरे मार्ग में संगतों द्वारा पुष्पवर्षा, जल-सेवा और लंगर सेवा के माध्यम से नगर कीर्तन का भव्य स्वागत किया गया। इस पावन अवसर पर स्थानीय विधायक गणेशराज बंसल, पूर्व सभापति सुमित रिणवां, बाबा जग्गा सिंह सेवादार गुरुद्वारा शहीद बाबा सुखा सिंह बाबा महताब सिंह सहित अनेक संत-पुरुष, समाजसेवी और क्षेत्र की संगतें उपस्थित रहीं। नगर कीर्तन को विशेष बनाने के लिए प्रसिद्ध कथा वाचक भाई हरजिंदर सिंह, कविशरी जत्था जगतार सिंह खालसा राजस्थान, दशमेश गतका एकेडमी तलवंडी साबो सहित अन्य जत्थों ने भी शिरकत की। मुख्य सेवादार श्रीमंत संत बाबा हरजीत सिंह (यूके), जत्थेदार सावन सिंह, जत्थेदार मंगल सिंह तख्त श्री दमदमा साहिब, ज्ञानी जगसीर सिंह (यूके), ज्ञानी हरजिंदर सिंह तख्त श्री दमदमा साहिब सहित अनेक विद्वान रागी व कथावाचकों ने संगतों को कीर्तन और गुरमत विचारों से निहाल किया। आयोजकों के अनुसार यह महान नगर कीर्तन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय साबित हुआ। गुरुद्वारा कमेटी के सुरजीत सिंह वजीतपुरीया,गुरजंट सिंह वजीतपुरीया, पूर्व सरपंच जगजीत सिंह जग्गी वजीतपुरीया,मखन सिंह, अवतार सिंह, जसवंत सिंह, टिकू सिंह, नवनीत सिंह, जगसीर सिंह, हजूर सिंह संधू, कलवीर सिंह, भूपेंद्र सिंह कलार, गुरलाभ सिंह, लखवीर सिंह सहित समस्त संगतों के सहयोग से कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा और एकता, सेवा व श्रद्धा का सशक्त संदेश पूरे क्षेत्र में प्रसारित हुआ।
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