सोना नहीं खरीदने के आवाहन के विरोध में सर्राफा व्यापारियों ने दिया ज्ञापन

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’-स्वर्णकार सभा ने प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन’
हनुमानगढ़। श्री मेढ़ स्वर्णकार सभा हनुमानगढ़ के नेतृत्व में सर्राफा व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों, कारीगरों एवं कर्मचारियों ने गुरुवार को माननीय प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू को ज्ञापन सौंपकर “सोना नहीं खरीदने” के आवाहन पर आपत्ति जताई। सभा के पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के बयान से स्वर्ण व्यवसाय से जुड़े लाखों परिवारों में चिंता और असंतोष का माहौल बना है।
स्वर्णकार सभा के अध्यक्ष मुरलीधर सोनी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि भारत में सोना केवल आभूषण नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक आस्था का अभिन्न हिस्सा है। विवाह समारोह, धार्मिक आयोजन, त्योहार एवं पारिवारिक परंपराओं में सोने का विशेष महत्व रहा है। ऐसे में आमजन से सोना नहीं खरीदने का आवाहन बाजार में नकारात्मक संदेश देता है, जिसका सीधा असर सर्राफा व्यापार और उससे जुड़े लोगों की आजीविका पर पड़ता है।
ज्ञापन में बताया गया कि स्वर्ण व्यवसाय देश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। इस कारोबार से लाखों छोटे व्यापारी, कारीगर, डिजाइनर, कर्मचारी एवं उनके परिवार जुड़े हुए हैं। व्यापारियों ने कहा कि पहले से ही महंगाई, टैक्स व्यवस्था और बाजार में मंदी के कारण सर्राफा व्यवसाय कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में इस तरह के आवाहन से छोटे व्यापारियों और कारीगरों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो सकती है।
सभा पदाधिकारियों ने कहा कि सर्राफा बाजार में लगातार गिरावट का असर सीधे रोजगार पर पड़ता है। यदि सोने की खरीदारी कम होती है तो इसका प्रभाव केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि हजारों कारीगरों और मजदूरों के परिवारों पर भी पड़ता है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि स्वर्ण व्यवसाय को लेकर सकारात्मक वातावरण बनाया जाए ताकि व्यापार और रोजगार दोनों सुरक्षित रह सकें।

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