क्या आधार, वोटर ID और पासपोर्ट बेकार हैं? जानिए नागरिकता का असली नियम क्या है?

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भारत में नागरिकता (Indian Citizenship) को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। इसकी वजह हाल ही में केंद्र सरकार का वह बयान है, जिसमें कहा गया कि भारतीय पासपोर्ट अपने आप में भारतीय नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं है। इस बयान के बाद देशभर में सवाल उठने लगे कि अगर पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं है, तो आखिर कौन-सा दस्तावेज़ भारतीय नागरिकता साबित करता है।

आम लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ होने के बावजूद क्या किसी व्यक्ति की भारतीय नागरिकता स्वतः साबित हो जाती है? इस पूरे विवाद के बीच सरकार के पुराने रिकॉर्ड भी चर्चा में आ गए हैं।

दरअसल, वर्ष 2010 के सरकारी रिकॉर्ड और सूचना के अधिकार (RTI) से जुड़े दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए यह दावा किया जा रहा है कि उस समय विदेश में रहने वाले भारतीय पासपोर्ट धारकों को RTI कानून के तहत भारतीय नागरिक माना गया था। ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि जब RTI के संदर्भ में पासपोर्ट धारकों को भारतीय नागरिक माना गया था, तो अब सरकार यह क्यों कह रही है कि पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है।

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इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए—
1. पासपोर्ट को लेकर विवाद क्या है?
2. वोटर आईडी पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
3. आखिर नागरिकता तय कैसे होती है?

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