वामन अवतार की अलौकिक झांकी ने मोहा श्रद्धालुओं का मन

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– श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भगवान विष्णु की लीला सुन भावविभोर हुए भक्तजन
हनुमानगढ़। ऐतिहासिक भटनेर दुर्ग के समीप बरकत कॉलोनी स्थित फाटक गौशाला में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन मंगलवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर भगवान विष्णु के वामन अवतार की मनमोहक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सजीव प्रस्तुति, आकर्षक सजावट और भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालु भगवान के जयकारों के साथ भक्ति रस में सराबोर नजर आए। कथा की शुरुआत मुख्य यजमान मदन चंद हिसारिया, अशोक हिसारिया एवं सोनू गोयल ने से पत्नी विधिवत पूजा अर्चना के साथ कथा की शुरुआत करवाई।
कथा व्यास पीठ से प्रख्यात कथा वाचक आचार्य श्री दयानंद जी शास्त्री ने वामन अवतार का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए बताया कि जब दैत्यराज बलि अपने पराक्रम और दानशीलता के कारण तीनों लोकों पर अधिकार कर बैठे, तब भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर धर्म की पुनर्स्थापना की। उन्होंने कहा कि भगवान का यह अवतार हमें अहंकार त्यागकर विनम्रता और समर्पण का संदेश देता है। आचार्य ने कहा कि दान तभी सार्थक होता है जब उसमें अहंकार का भाव न हो।
उन्होंने कथा में बताया कि भगवान वामन ने राजा बलि से तीन पग भूमि का दान मांगा और विराट रूप धारण कर संपूर्ण ब्रह्मांड को अपने चरणों में समाहित कर लिया। भगवान की इस दिव्य लीला का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान भजन “प्रभु जी तुम चंदन हम पानी” और “जय जय श्री हरि” पर श्रद्धालु झूमते नजर आए।

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