झालावाड़ हादसे के विरोध में भेंट किया गया टायर

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-मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए जिलाधीश को निलंबित करने की मांग
हनुमानगढ़।
 झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में हाल ही में हुए दर्दनाक स्कूल भवन हादसे के विरोध में सोमवार को एक अनूठा और तीव्र विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। प्रार्थीगणों ने मुख्यमंत्री राजस्थान सरकार के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपते हुए न केवल जिले के कलेक्टर को निलंबित करने की मांग की, बल्कि सरकार की संवेदनहीनता के प्रतीक स्वरूप उन्हें “टायर” भी भेंट किया।
ज्ञापन में लिखा गया कि 25 जुलाई को पिपलोदी सरकारी स्कूल की जर्जर बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से सात मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई और 30 से अधिक घायल हो गए। यह हादसा पूरे प्रदेश और देश के लोगों को झकझोर गया। लेकिन, इसके बाद जो हुआ वह न केवल पीड़ित परिवारों बल्कि समूचे हिन्दू समाज और मानवीय संवेदनाओं को शर्मसार करने वाला था।
ज्ञापन देने वालों में शामिल शाहरूख रोड़ावाली व यश चिलाना ने बताया कि मृत बच्चों के अंतिम संस्कार टायर जलाकर किए गए, जो न केवल संस्कारों का घोर अपमान है, बल्कि यह सरकार और प्रशासन की क्रूर असंवेदनशीलता का खुला प्रमाण भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घृणित घटना के बावजूद अब तक जिले के कलेक्टर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्वयं उन्हें संरक्षण दे रही है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की कि इस मामले में तुरंत जिलाधीश और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाए और इस अमानवीय कृत्य के लिए कठोर दंड दिया जाए। इसके साथ ही विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री को प्रतीकात्मक “टायर” भी भेंट किया गया। ज्ञापन में कहा गया, “जब सरकार ने इस तरह के अमानवीय अंतिम संस्कार पर मौन साध रखा है, तो ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यमंत्री को यह तरीका स्वीकार्य है। इसलिए हम उन्हें यह टायर भेंट कर रहे हैं, ताकि भविष्य में यदि उनके अपने किसी प्रियजन का अंतिम संस्कार करना पड़े, तो यह टायर उनके काम आ सके। क्योंकि मृत्यु अंतिम सत्य है, जो किसी को भी कभी भी आ सकती है।”

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