हनुमानगढ़ टाउन की नई धान मंडी स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में आज ज्येष्ठ मास,पुरुषोत्तम मास की एकादशी के पावन अवसर पर एक सराहनीय सामाजिक एवं धार्मिक आयोजन देखने को मिला। श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर महिला सत्संग मंडल द्वारा गन्ने के रस (जूस) का विशाल भंडारा आयोजित किया गया। भीषण गर्मी और नौतपा के चलते इस आयोजन ने क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत प्रदान की। महिला सत्संग मंडल की सक्रिय सदस्य विमल करवा ने जानकारी देते हुए बताया कि ज्येष्ठ मास की एकादशी के दिन यह भंडारा हर वर्ष श्रद्धा और सेवा भाव के साथ आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष गर्मी का प्रकोप अधिक होने के कारण सभी महिला सदस्यों ने सामूहिक रूप से निर्णय लेकर इस पुनीत कार्य को और अधिक व्यापक रूप दिया, ताकि अधिक से अधिक लोगों को शीतल पेय उपलब्ध कराया जा सके। कार्यक्रम के दौरान नई धान मंडी में पहुंचे किसानों, मजदूरों, आम राजगीरों तथा राहगीरों ने गन्ने का ताजा रस पीकर अपनी प्यास बुझाई। तेज धूप और उमस भरे मौसम में यह जूस भंडारा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा। भंडारे की व्यवस्था पूरी तरह सुव्यवस्थित रही, जिसमें महिला मंडल की सदस्यों ने स्वयं आने हाथों से सेवा करते हुए गन्ने के रस का वितरण किया। महिला सत्संग मंडल की सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करना है। पुरुषोत्तम मास को विशेष पुण्यकारी माना जाता है और इस माह में किए गए सेवा कार्यों का आध्यात्मिक महत्व भी अधिक होता है।
स्थानीय लोगों और मंडी में आए किसानों ने महिला मंडलों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देते हैं। आयोजन के अंत में मंदिर परिसर में शांति और सौहार्द का वातावरण बना रहा। महिला सत्संग मंडलों द्वारा किए गए इस सेवा कार्य ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि संगठित प्रयासों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
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