किसान-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हनुमानगढ़ में संयुक्त हुंकार

31

-10 अगस्त को देशव्यापी किसान-मजदूर जेल भरो आंदोलन का किया ऐलान
हनुमानगढ़। 
अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) एवं राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में अग्रसेन धर्मशाला में जिला स्तरीय विशाल किसान-मजदूर कन्वेंशन आयोजित किया गया। कन्वेंशन में जिलेभर से पहुंचे सैकड़ों किसानों, मजदूरों एवं ग्रामीण कार्यकर्ताओं ने भाग लेते हुए केंद्र सरकार की कथित किसान एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। सम्मेलन में विभिन्न संगठनों के नेताओं ने कृषि, श्रम एवं ग्रामीण रोजगार से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से विचार रखे तथा 10 अगस्त को देशभर में किसान-मजदूर जेल भरो आंदोलन में व्यापक भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कॉ. पेमाराम ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले लाए गए तीन कृषि कानूनों को किसानों के लंबे संघर्ष के बाद वापस लेना पड़ा, लेकिन अब सरकार बीज विधेयक और ट्रेड बिल जैसे नए कानून लेकर आई है, जो किसानों के हितों के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आज तक स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं कर पाई है और किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी प्रभावी रूप से नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत, कर्ज और आर्थिक संकट के कारण किसान कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं, लेकिन अब किसान आत्महत्या नहीं बल्कि संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि 10 अगस्त को पूरे देश में किसान-मजदूर जेल भरो आंदोलन आयोजित कर सरकार पर किसान-मजदूर विरोधी नीतियां वापस लेने का दबाव बनाया जाएगा।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।