श्री राम कथा का दिव्य आयोजन

44
हनुमानगढ़ जिले के हनुमानगढ़ टाउन में स्थित बस स्टैंड के सामने श्री सनातन महावीर दल धर्मशाला में आयोजित श्री राम कथा के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। 28 मई 2026 से 4 जून 2026 तक चलने वाले इस पावन आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। पूरा धर्मशाला परिसर “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से भक्तिमय हो उठा। यह दिव्य आयोजन श्री सनातन महावीर दल न्यास के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। न्यास अध्यक्ष प्रेमरतन पारीक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कथा का आयोजन श्रीमती अंजू शर्मा, धर्मपत्नी स्वर्गीय श्री महावीर शर्मा, तथा श्रीमती भाग्यश्री एवं अंकुर शर्मा द्वारा श्रद्धा एवं भक्ति भाव से करवाया जा रहा है। श्री राम कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक सुप्रसिद्ध कथावाचक गोपाल सुदामा शर्मा के मुखारविंद से किया जा रहा है।
कथा के दूसरे दिन कथावाचक गोपाल सुदामा शर्मा ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और संस्कारों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने तुलसीदास रचित रामायण के प्रसंगों के माध्यम से बताया कि श्रद्धा और विश्वास ही राम का वास्तविक नाम है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक ऐतिहासिक पुरुष नहीं, बल्कि धर्म, सत्य, करुणा और मर्यादा के सजीव प्रतीक हैं। कथा के दौरान श्रीराम के बाल्यकाल, माता-पिता के प्रति आज्ञाकारिता, गुरुजनों के प्रति सम्मान तथा समाज के प्रति उनके कर्तव्यबोध का अत्यंत भावपूर्ण चित्रण किया गया।कथावाचक ने यह भी बताया कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें यह शिक्षा देता है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी विषम क्यों न हों, धैर्य, संयम और धर्म के मार्ग से कभी विचलित नहीं होना चाहिए। कथा के बीच-बीच में भजनों, चौपाइयों और संगीतमय प्रस्तुति से वातावरण और भी भक्तिरस से सराबोर हो गया, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर आयोजक श्रीमती अंजू शर्मा ने नगरवासियों से विनम्र अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में श्री राम कथा में पधारें, कथा श्रवण कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और अपने जीवन को धर्म, भक्ति व सदाचार से धन्य बनाएं।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।