एफसीआई निदेशक ने हनुमानगढ़ जंक्शन धान मंडी का किया निरीक्षण

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-गेहूं खरीद व्यवस्था, बायोमैट्रिक प्रक्रिया व बारदाने की समस्या पर व्यापारियों ने रखी मांग
हनुमानगढ़। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) मुख्यालय के निदेशक लोकेश कुमार शर्मा सोमवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित धान मंडी पहुंचे, जहां उन्होंने गेहूं खरीद प्रक्रिया का मौके पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खरीद व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की तथा बायोमैट्रिक प्रणाली की कार्यप्रणाली का भी अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में मौजूद व्यापारियों और संघ पदाधिकारियों ने निदेशक के समक्ष अपनी समस्याएं विस्तार से रखीं। व्यापार मंडल अध्यक्ष धर्मपाल जिन्दल (डिम्पल), व्यापार संघ अध्यक्ष पदम जैन, व्यापारी नेता प्यारेलाल बंसल और मनमोहन गुप्ता सहित अन्य प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्तमान में गेहूं की खरीद प्रक्रिया में कई व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
व्यापारियों ने विशेष रूप से एफसीआई के सभी गोदामों को शीघ्र खुलवाने की मांग उठाई। उनका कहना था कि सीमित गोदामों के कारण ट्रकों की लोडिंग और अनलोडिंग की गति प्रभावित हो रही है, जिससे मंडी में जाम जैसी स्थिति बन रही है और किसानों व व्यापारियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि सभी गोदाम संचालित किए जाएं तो गेहूं उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सकती है। मौके पर ही लोकेश शर्मा ने गोदामों को खुलवाने के लिए क्षेत्र प्रबंधक एफसीआई को निर्देशित किया।
इसके अलावा बारदाने (जूट बैग) की समस्या भी प्रमुखता से उठाई गई। व्यापारियों ने बताया कि सरकार द्वारा बारदाने का मानक वजन 580 ग्राम निर्धारित किया गया है, जबकि वास्तविकता में यह बैग सूखने के बाद लगभग 400 ग्राम ही रह जाता है। इस अंतर के कारण व्यापारियों और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि या तो वजन मानक में संशोधन किया जाए या फिर इस नुकसान की भरपाई के लिए उचित व्यवस्था की जाए।

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