धान मंडी में गूंजा किसानों-मजदूरों का आक्रोश, 1500 लोगों ने दी गिरफ्तारियां

77

– जंक्शन रोडवेज डिपो पर सांकेतिक जाम लगाकर सौंपा ज्ञापन, एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन
हनुमानगढ़। भारत छोड़ो दिवस की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान तथा केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में 10 अगस्त को अखिल भारतीय किसान सभा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन एवं सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) की ओर से राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत हनुमानगढ़ जंक्शन में विशाल जनसभा एवं विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। जंक्शन धान मंडी में आयोजित जनसभा में बड़ी संख्या में किसान, खेत मजदूर, श्रमिक, कर्मचारी, महिलाएं एवं युवा शामिल हुए। जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने जंक्शन रोडवेज बस डिपो के समक्ष सांकेतिक जाम लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा अपनी मांगों को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद करीब 1500 प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारियां देकर अपना विरोध दर्ज करवाया।
जनसभा में वक्ताओं ने कहा कि देश का किसान और मजदूर लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कृषि लागत बढ़ रही है, लेकिन किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा। खेत मजदूरों को नियमित रोजगार नहीं मिल रहा तथा श्रमिकों के अधिकारों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों को सभी फसलों पर सी2 प्लस 50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने तथा एमएसपी पर सुनिश्चित सरकारी खरीद की व्यवस्था लागू करने की मांग की।
पूर्व विधायक बलवान पूनियां ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस नीतिगत फैसलों से होगा। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल का लाभकारी मूल्य नहीं मिलने के कारण कृषि संकट लगातार गहरा रहा है। एमएसपी की कानूनी गारंटी किसानों की प्रमुख मांग है और सरकार को इस पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा को मजबूत कर प्रत्येक परिवार को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
रामेश्वर वर्मा ने कहा कि किसानों, खेत मजदूरों और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर कम होने तथा महंगाई बढ़ने से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। मनरेगा में काम शुरू करवाने, मजदूरी का समय पर भुगतान करने और रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों की कर्जमाफी तथा किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग भी उठाई।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें। आप हमें फेसबुकट्विटरइंस्ट्राग्राम और यूट्यूब चैनल पर फॉलो कर सकते हैं।