विजय के लिए AIADMK में फूट, फ्लोर टेस्ट से पहले 30 विधायक TVK के साथ, जानें पूरा मामला?

राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम को AIADMK के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। 2016 में J Jayalalithaa के निधन के बाद से पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है।

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तमिलनाडु की राजनीति (AIADMK Party Split) में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। AIADMK के वरिष्ठ नेता CV Shanmugam के नेतृत्व में कम से कम 30 विधायकों ने मुख्यमंत्री Vijay और उनकी पार्टी TVK को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार को जल्द ही बहुमत साबित करना है। AIADMK विधायकों के समर्थन से अब विजय की स्थिति पहले से काफी मजबूत मानी जा रही है।

पार्टी के नेता सीवी षणमुगम ने CM विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। कहा जा रहा है कि उनके साथ 30 विधायकों ने भी विजय को समर्थन देना स्वीकार किया है। मंगलवार सुबह षणमुगम ने बयान दिया, ‘हम जनता के जनादेश को स्वीकार करते हैं। यह जनादेश TVK के लिए नहीं, विजय के लिए है। इसलिए हम TVK सरकार को अपना समर्थन देते हैं।’

उन्होंने यह भी कहा- अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता। 2026 के विधानसभा चुनाव में AIADMK केवल 47 सीटें ही जीत पाई। AIADMK में अब केवल पलानीसामी गुट रह गया है। इसमें 17 नेता हैं।

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AIADMK ने क्यों दिया TVK को समर्थन
षणमुगम ने कहा- हमने इस AIADMK की स्थापना DMK के खिलाफ की थी। 53 सालों से हमारी राजनीति DMK के खिलाफ रही है। इसे देखते हुए, एक प्रस्ताव रखा गया था जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए। हालांकि, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते, तो AIADMK का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता।

षणमुगम बोले- हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं, और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और जीवंत बनाने पर होना चाहिए। आखिरकार हमने TVK को अपना समर्थन देने का फैसला किया, जो विजयी रही।

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 जयललिता के बाद सबसे बड़ा संकट?
राजनीतिक जानकार इस घटनाक्रम को AIADMK के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। 2016 में J Jayalalithaa के निधन के बाद से पार्टी लगातार कमजोर होती जा रही है। 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी को सिर्फ एक सीट मिली थी, जबकि 2024 के चुनाव में AIADMK खाता तक नहीं खोल पाई। 2021 विधानसभा चुनाव में भी पार्टी सत्ता से बाहर हो गई थी और अब 2026 में उसे सिर्फ 47 सीटों पर संतोष करना पड़ा।

फ्लोर टेस्ट से पहले विजय की ताकत बढ़ी
TVK ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीती थीं और कांग्रेस, वाम दलों, VCK तथा IUML के समर्थन से सरकार बनाई थी। अब AIADMK के 30 विधायकों का समर्थन मिलने से विजय सरकार को फ्लोर टेस्ट में बड़ी राहत मिल सकती है।

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